मैनपुरी (रिपोर्ट: गुलज़ार शकील भोगांव/मैनपुरी-नगर के मदरसा दरसुल कुरान बड़ा बाज़ार में जलसा दस्तारबंदी का आयोजन हुआ। जिसमे एक बच्चे ने कुरआन की तालीम मुकम्मल कर एक बार फिर मदरसें का नाम रोशन कर दिया, यहाँ पढ़ने वाले बच्चों में से इस साल एक बच्चे हाफ़िज़ आरिफ सिद्दीकी पुत्र अहमद सिद्दीकी ने अपना हिफ़्ज़ मुकम्मल कर अपने घर वालों का सपना पूरा करने के साथ-साथ मदरसें का भी नाम रोशन किया, इस मौके पर मदरसा दरसुल कुरान के मुदरिश मौलाना ख़ालिद रज़ा नूरी ने संबोधित करते हुए कहा कि अल्लाह के रसूल स०अ०स० ने फरमाया कि कुरान का पढ़ना सबसे बेहतरीन अमल व सुन्नत है । कुरान पाक के हर- हर हर्फ पर 10 नेकियां मिलती है। कुरआन हिफ्ज़ करने पर उसके मां-बाप को इज्जत का ताज आखिरत में पहनाया जाएगा, पर हमेशा कुरआन अपने सीने में जिंदा रखना होगा । कार्यक्रम का आगाज कुरआन पाक की तिलावत से कारी व हाफिज मदरसा दरसुल क़ुरान के मुदारिश मोईन रज़ा ने की और नाते पाक से हुआ। संचालन हाफ़िज़ इमरान रज़ा ने किया। मदरसे से फारिग हाफ़िज़ आरिफ रज़ा को उनके अभिभावक के समक्ष उलमा-ए- किराम ने पगड़ी बांधकर व उपहार प्रदान किए। कार्यक्रम आयोजक गुलज़ार शक़ील के द्वारा आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया गया । इस मौके पर सदर जामा मस्जिद मोहम्मद शक़ील उर्फ फुलमियाँ ने बताया है। कि पढ़ना लिखना हर इंसान का बुनियादी हक़ है इसमे कोई दो राय नही हम सभी इस बात को बा-ख़ूबी जानते और समझते है,की पढ़ाई लिखाई से किसी भी बच्चे को महरूम रखना ये उसके बुनियादी हक़ को मारना है,तालीम हासिल करने वाला बच्चा भले ही किसी भी धर्म समुदाय से तालुक रखता हो, इसी क्रम में बच्चों को मुफ़्त में दिनी और दुनियावी तालीम देने की ग़रज से मदरसे भी अपनी भूमिका बा-ख़ूबी निभा रहे है। जिनमें आज दिनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम जैसे हिंदी, अंग्रेजी, गणित, साइंस, भूगोल सहित समस्त पूरा स्कूली कोर्स बच्चों को पढ़ाया जा रहा है। जहां से एक ही छत के निचे बच्चों को दिनी तालीम के साथ-साथ दुनियावी तालीम भी हासिल हो रही है। सदर जामा मस्जिद मोहम्मद शक़ील खान उर्फ फुलमियाँ, जामा मस्जिद इमाम खालिद रजा नूरी,हाफिज मुईन रजा,हाफिज आसिफ रजा,हाफिज इमरान,आसिफ रजा,सैफ रजा,हाफिज उबेश रजा,हाफिज रिजवान, गुलज़ार मास्टर,अहमद अली,यासीन उर्फ जग्गू,तौसीफ खान,शक़ील मिर्जा,अनसार, आबिद रहमान, रिजवान, फ़रमान के अलावा समस्त स्टाफ व गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। प्रोग्राम का अंत मौलाना खालिद रज़ा नूरी ने देश में अमन,भाई -चारगी, तरक्की की दुआ पर हुआ।
मदरसा दरसुल क़ुरान बड़ा बाजार में दस्तारबंदी व फ़ातिहा खानी का आयोजन


