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अंतर्राष्ट्रीय साइबर स्लेवरी गैंग का पर्दाफाश, मानव तस्करी से जुड़ा मामला, एसपी ने दिया ईनाम

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अम्बेडकरनगर: टाण्डा कोतवाली पुलिस व स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त टीम द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय साइबर फ्रॉड गिरोह (साइबर स्लेवरी) से जुड़ी भर्ती व मानव तस्करी का खुलासा करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त किया है।


टाण्डा कोतवाली में दर्ज मुकदमा संख्या 379/25 धारा 143(2)/318(4) बीएनएस की विवेचन से प्रकाश में आए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले साइबर फ्रॉड एवं मानव तस्करी नेटवर्क में संलिप्त दो अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है

मुक़दमा वादी आफताब आलम निवासी थाना गोसाईगंज जनपद अयोध्या द्वारा थाना टाण्डा में तहरीर देते हुए अभियुक्त मोहम्मद खलील व मोहम्मद साद पर आरोप लगाया था कि विदेश में नौकरी (डाटा एन्ट्री) दिलाने के नाम पर आफताब को 21 सितंबर 2925 को Laos भेजा गया था। Laos पहुँचने पर बताया गया कि रात में एक व्यक्ति के साथ बॉर्डर क्रॉस कराया जाएगा और गोल्डन ट्रायंगल क्षेत्र में कंप्यूटर सम्बन्धित काम कराया जाएगा। बॉर्डर से पहले तीन घायल युवकों से मुलाकात हुई जिन्होंने बताया कि उन्हें कंपनी में कैद कर साइबर फ्रॉड कराया जा रहा है, विरोध पर मारपीट और अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। आफताब किसी तरह वहां से भागकर एयरपोर्ट पहुँचा। एयरपोर्ट पर अभियुक्त साद द्वारा फोन कर वापस लौटने का दबाव डाला गया, एक महिला को उसे लेने भेजा गया तथा उसके पासपोर्ट को सौंपने हेतु लालच दिया गया। मो. खलील ने अपनी पत्नी अफसाना बानो की अकाउण्ट में 25 हजार रुपये व मो. साद के अकाउण्ट में 50 हजार रूपये लिए थे और LAOS जाने पर 300 USD कैश लिया गया ।

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पुलिस जांच में महत्वपूर्ण तथ्य के अनुसार अभियुक्त मो. खलील के मोबाइल फोन में आफताब को Laos भेजने से जुड़े वीजा, पासपोर्ट, एयर टिकट व चैट बरामद किया। खलील ने स्वीकार किया कि मो. साद द्वारा कंप्यूटर जानकार युवकों को Laos/Thailand भेजने पर प्रति व्यक्ति 40 से 50 हजार दिए जाने की बात कही गई थी। बैंक स्टेटमेंट में आफताब को भेजने के पूर्व साद द्वारा एडवांस में 10 हजार UPI से जमा पाया गया। खलील अपने इलाके में युवकों की तलाश कर रहा था तथा कुछ कंप्यूटर केन्द्र व लोगों से ऐसे व्यक्तियों को भेजने की बात भी करता था।
दूसरे अभियुक्त मो. साद से सम्बंधित तथ्य सामने आया कि साद Laos से दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को वापस भारत आया था व और भी युवकों को डाटा एन्ट्री की नौकरी का लालच देकर विदेश ले जाना चाहता था। पासपोर्ट से गोल्डन ट्रायंगल Special Economic Zone में नियमित आवाजाही प्रमाणित हुई है । उपरोक्त तथ्यों के आधार पर थाना कोतवाली टाण्डा जनपद अम्बेडकरनगर पर मुकदमा संख्या 379/25 धारा 143(2)/318(4) बीएनएस पंजीकृत किया गया व दिनांक 18 नवम्बर 2025 को दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। टाण्डा कोतवाल दीपक सिंह रघुवंशी ने दावा किया कि उक्त सम्बंधित प्रकरण में शामिल और भी लोगों की जानकारी की जा रही है।
उक्त घटना के खुलासा में स्वाट/सर्विलांस की संयुक्त पुलिस टीम भी शामिल रही। एसपी अभिजीत आर शंकर ने साइबर स्लेवरी की घटना का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा किया है।

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