अम्बेडकरनगर: लखनऊ में इलाज के दौरान डॉक्टरों ने जिसे मृत्यु घोषित कर दिया था, उसको घर लाते समय एम्बुलेंस को झटका लगा और अचानक मृतक की सांस चलने लगी तो परिजनों ने आननफानन में एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां उसका इलाज जारी है हालांकि स्थिति गंभीर बनी हुई है।
अब इसे क्या कहें, कुछ लोग इस को कुदरत का करिश्मा बता रहे हैं, तो वहीं कुछ लोग डॉक्टरों की घोर लापरवाही करार दे रहे हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार किछौछा निवासी स्व. डॉक्टर इश्तियाक अहमद के पुत्र व नगमा हॉस्पिटल बसखारी की संचालिका डॉक्टर सैय्यद रूबी के भाई सैय्यद मो. दानिश गत गुरुवार को बाथरूम में गिरने से घायल हो गए थे जिनकी हालत खराब होने के कारण लखनऊ में भर्ती कराया गया था जिनकी बीती रात्रि डॉक्टरों ने मृत्यु घोषित कर दिया था।
परिजनों के अनुसार सैय्यद दानिश के शव को एम्बुलेंस के सहारे किछौछा लाया जा रहा था कि अकबरपुर में एम्बुलेंस अचानक एक गड्ढे से हो कर गुजरी जिससे बड़ा झटका लगा और मृतक सैय्यद दानिश की सांस चलने लगी। आननफानन में दानिश को सत्य साईं मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल अकबरपुर में भर्ती कराया गया जहां उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।
बहरहाल लखनऊ के प्रसिद्ध डॉक्टरों द्वारा सैय्यद दानिश को मृत्यु घोषित किये जाने के बाद शव समझ कर एम्बुलेंस से पैतृक आवास लाया जा रहा था कि रास्ता में झटका लगने के कारण दानिश की सांस चलने लगी। उक्त घटना को जहां काफी लोग कुदरत का करिश्मा कहते हैं वहीं डॉक्टरों की लापरवाही की भी चर्चा हो रही है और सोशल मीडिया पर भी उक्त घटना को खूब शेयर किया जा रहा है।




