अम्बेडकरनगर: टाण्डा तहसील क्षेत्र के बलरामपुर ग्राम पंचायत का कोटा किसी रणभूमि से कम नहीं है एक तरफ राजनीतिक संरक्षण तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपनी सच्चाई की लड़ाई लड़ रहे हैं। बुधवार को ग्रामीणों ने जिला पूर्ति अधिकारी के समक्ष पेश होकर शिकायत से संबंधित दस्तावेज साक्ष्य स्वरूप पेश किया। साक्ष्य देखकर विभाग की तो नींद उड़ी ही है साथ ही मृतक कोटेदार प्रभावती के वारिसगणों की भी नींद उड़ गई है।
शिकायतकर्ताओं के कहा कि नियमानुसार एक परिवार के के नाम एक ही कोटा आवंटन हो सकता है। जबकि प्रभावती देवी के अलावा इल्तिफ़ात गंज के गांधी नगर का कोटा उनके पुत्र सूर्य प्रकाश शुक्ल के नाम दर्ज है। प्रभावती के मृत्यु उपरांत राजनीतिक संरक्षण एवं विभागीय अधिकारियों के मिलीभगत से बलरामपुर गांव का कोटा वेद प्रकाश शुक्ल के नाम कर दिया गया।
महादेवा आजीविका स्वयं सहायता समूह ने कोटे के लाभ प्राप्त करने के लिए पहले आवेदन किया लेकिन विभागीय दांव पेंच में प्रार्थना पत्र दफ्न हो गया। जिसके बाद जनसुनवाई पोर्टल सहित अन्य माध्यमों से दोबारा शिकायत की गई जिसपर जांच करने सोमवार को गुपचुप तरीके से खाद्य पूर्ति विभाग के अधिकारी यादवपुर वेद प्रकाश शुक्ल के घर पहुंचे जहां पहले से ही प्रायोजित ढंग से कुछ लोग मौजूद थे। जांच अधिकारी पर आरोप है कि एक भाजपा नेता के दबाव में वेद प्रकाश शुक्ल के पक्ष में रिपोर्ट लगाने के फिराक में थे जिसका पता चलने पर ग्रामीणों ने जांच अधिकारियों को घेर लिया और सवाल करने लगे। वीडियो बनता देख जांच अधिकारी भाग खड़े हुए थे।
शिकायतकर्ता के अनुसार जांच अधिकारी को यह साक्ष्य चाहिए थे कि वेद प्रकाश शुक्ल पुत्र श्रीकुमार और सूर्य प्रकाश शुक्ल पुत्र श्रीकुमार एक ही परिवार के सदस्य हैं। जिसके सापेक्ष शिकायतकर्ता एवं ग्रामीणों ने इससे संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत किये। अब बलरामपुर के साथ-साथ गांधी नगर के कोटे पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।




