अम्बेडकरनगर: टांडा में संचालित कैनरा बैंक द्वारा सीसी एकाउंट के बंधक संपत्ति को नियम के खिलाफ जाकर ज़बरन नीलाम करने के प्रयास पर अदालत ने रोक लगा दिया है। 20 लाख रुपये की सीसी के बदले बैंक द्वारा दो वर्ष के अंदर ही अनावश्यक दबाव बना कर 70 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति को नीलाम करने का प्रयास कर रहा था लेकिन अदालत ने रोक लगा कर बैंक की मंशा पर पानी फेर दिया है।
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग न्यायालय ने बुधवार को कैनरा बैंक द्वारा सीसी एकाउंट के जमानत कर्ता की बंधक संपत्ति को नीलाम करने पर अंतिम फैसला तक रोक लगा दिया है। बताते चलेंकि टांडा नगर क्षेत्र के नेहरूनगर निवासी फिरदौस खान पुत्र लायक अली द्वारा सिमना ब्रिक फील्ड के नाम से कैनरा बैंक की शाखा टांडा ने गत 30 नवम्बर 2023 को 20 लाख रुपये की सीसी किया था जिसकी जमानत लियाकत अली पुत्र मो. तकी खान निवासी नेहरूनगर ने अपने आवास को बंधक के रूप में जमा कर लिया था। सीसी धारक द्वारा कई किस्तों में भुगतान किया गया जिसमें अंतिम बार 30 जुलाई 2025 को को भुगतान किया गया। कैनरा बैंक द्वारा उनके एकाउंट को बिना नोटिस के ही समयावधि के दौरान ही एनपीए कर दिया और जमानतकर्ता की बंधक शुदा 70 लाख से अधिक की सम्प्पति को बिना नोटिस सूचना के नीलामी का आदेश जारी कर दिया। समाचार पत्रों से जानकारी होने पर जमानत कर्ता लियाकत अली ने अदालत का दरवाजा खटखटाया जहां जिला न्यायालय उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने दोनों पक्षों की सुनवाई करते हुए फैसला होने तक बंधक शुदा संपत्ति को नीलाम करने पर पाबंदी लगा दिया है जिससे पीड़ित उपभोक्ता ने राहत की सांस लिया है। पीड़ित लियाकत अली का आरोप है कि कैनरा बैंक नियम के खिलाफ बिना सूचना के ही जमानत कर्ता की संपत्ति को अवैध ढंग से नीलम करने का प्रयास करना चाहता था लेकिन अदालत ने बड़ी राहत दी है।




