भोगाॅव। नेशनल महाविधालय के प्राचार्य डा0 एस के एस यादव ने कहा है कि पर्यावरण के बिना मानव जीवन असंभव है पर्यावरण को संतुलित बनाने के लिए हम सभी को आगे आकर पर्यावरण जनजागरण एवं पानी की बर्बादी को रोकने जैसे
उपायों पर अभियान चलाए जाने का आवाहन किया है। श्री यादव नगर के नेशनल महाबिधालय मे स्थित पुस्तकालय सभागार में आयोजित विश्व पर्यावरण दिवस पर पृथ्वी बचाओ गोष्ठी मे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित लांेगों केा सम्बोधित कर रहे थे उन्होनेे कहा पर्यावरण को संतुलित करने में बृक्षों एवं पशु पक्षियों का विशेष योगदान होता है उन्होने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि हम सभी लोग गोष्ठी को आयोजित कर लेते है किन्तु आत्मसात नहीे करते है उसी का परिणाम है कि आज पर्यावरण
असंतुलित होने से आम जनमानस त्राहि त्राहि करने लगा है उन्होन कहा यदि आज भी हम सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढी को भारी परेशानियों से जूझना पडेगा डा0 आदित्य गुप्ता ने कहा कि केन्द्र सरकार पर्यावरण संतुलित करने के लिए अनेकों योजनाएं चला रहीे है किन्तु वह योजनाएं प्रचार प्रसार के अभाव में
दम तोड रहीं है उन्होने आम जन मानस से आहवान करते हुए कहा कि पर्यावरण संतुलित बनाए रखने के लिए अधिक से अधिक वृक्षों को लगाए व पानी को बर्वाद होने से बचाए। डा0 अखिल कुमार सक्सेना नें कहा कि हमारी पृथ्वी गैस चैम्बर की तरह बनती जा रही है क्योकि सभी हानिकारक गैस बायुमण्डल के बाहर नही जा पाती है सरकार अब शून्य कार्वन उत्सर्जन बाले ईधन पर काम कर रही है जिसमे इलैट्रिक और ग्रीन हाईड्रोजन से चलने बाले बाहनो को प्राथमिकता दी जायेगी। पर्यावरण सरंक्षण सिर्फ एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नही है बल्कि देश के प्रत्येक ब्यक्ति की जिम्मेदारी है। उन्होने कहा कि आज हम सभी यह सकंल्प ले कि हम सब एक एक पेड जरूर लगाये तथा उसका सरंक्षण भी एक परिवार के नवजात शिशु की तरह करे जिससे पृथ्वी के औसत तापमान को कम किया जा सके। इस मौके पर डा0 वन्दना सक्सेना, डा0 असीम कुमार यादव, डा0 आशुतोष मिश्रा, डा0 आनन्द मोहन, डा0 अनन्त मिश्रा, डा0 सुशील पाल, संजय सक्सेना, अभिनव भटनागर आदि मौजूद थे।


