अम्बेडकरनगर: विकास दूबे को फोन कर बुलाने के बाद धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्राणघातक हमला करने के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध सुशील तिवारी का शव बुधवार की सुबह एक गमछे के सहारे हाता नंबर 03 की बैरिक नम्बर 18 में बने बाथरूम में लटकता हुआ बरामद हुआ जिससे हड़कम्प मच गया। मजिस्ट्रेट की मैजूदगी में शव का पंचायतनामा करते हुए मर्चरी हाउस भेज दिया गया तथा घटना स्थल का आलाधिकारी भी निरीक्षण करते नज़र आये।
प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक सुशील तिवारी उर्फ ज्ञानू पुत्र अशोक तिवारी निवासी बेनीपुर भीटी पर विकास दूबे पुत्र कालिका प्रसाद दूबे को फोन कर बुलाने के बाद धारदार हथियार से ताबड़तोड़ प्राणघातक हमला करने का आरोप है। मृतक सुशील पर दर्ज मुकदमा संख्या 353/25 के अनुसार कालिका प्रसाद दूबे ने मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया था कि गत 19 अक्टूबर की शाम को सुशील तिवारी द्वारा उनके पुत्र विकास दूबे को फोन कर बुलाया गया और धारधार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर मरणासन्न कर दिया।मुकदमा वादी का दावा है कि घटना की शिकायत करने जब हमलावर के घर गया तो जुस्क पिता अशोक तिवारी व माता मालती देवी भद्दी भद्दी गालियां देकर भगा दिया जिससे स्पष्ट होता है कि उक्त घटना में जुस्क माता पिता भी शामिल हैं। भीटी पुलिस ने उक्त मुकदमा दर्ज कर आरोपी सुशील तिवारी को गिरफ्तार कर जिला जेल भेज दिया था।
हत्या का प्रयास जैसे संगीन आरोप में गिरफ्तार सुशील तिवारी का शव जिला जेल में बने बाथरूम में गमछा के सहारे झूलता मिलने से हड़कम्प मच गया है। जेल प्रशासन का दावा है कि सुशील ने आत्महत्या किया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा घटना की जांच शुरू कर दी गई है हालांकि समाचार लिखे जाने तक कोई अधिकृत बयान जारी नहीं किया गया है।




