मुस्लिमों के आपसी विवादों को सुलह समझौता के तहत हल करने में इमारत ए शरिया का होता है महत्वपूर्ण योगदान
अम्बेडकरनगर: जमीयतुल उलेमा ए हिन्द के दोनों गुटों की सहमति से इस्लामिक सामाजिक संस्था इमारत-ए-शरिया की जिला कार्यकारणी कमेटी का एलान कर दिया गया है जिसमें मुफ़्ती महबुबुर्रहमान कासमी को अध्यक्ष व मुफ़्ती कमरूदीन कासमी को सेक्रेटरी मनोनीत किया गत है।
बताते चलेंकि जमीयतुल उलेमा ए हिन्द के मौलाना अरशद मदनी व मौलाना महमूद मदनी गुट द्वारा संयुक्त रूप से इस्लामिक सामाजिक संगठन इमारत-ए-शरिया की कमेटी का एलान किया जाता है। इमारत-ए-शरिया के माध्यम से मुस्लिम समाज के आपसी विवादों को आपसी समझौता के आधार पर धार्मिक रूप से हल कराने में महत्वपूर्ण योगदान अदा करेगी।
ज्ञात रहे कि मौलाना अरशद मदनी को 2021 में पांचवा ‘अमीर-ए-हिन्द’ घोषित किया गया था और उक्त इमारत-ए-शरिया प्रदेश के कई जनपदों में सक्रियता से काम कर रहा है तथा जनपद में पहली बार इमारत-ए-शरिया का गठन किया गया है।
इमारत-ए-शरिया ने जमीयतुल उलेमा ए हिन्द के पूर्व जिलाध्यक्ष मुफ़्ती महबुबुर्रहमान कासमी को जहां पहले अध्यक्ष मनोनीत किया है वहीं जमीयतुल उलेमा ए हिन्द मदनी गुट के जिलाध्यक्ष मुफ़्ती कमरुद्दीन कासमी को जनपद के पहला (नाज़िम) सेक्रेटरी मनोनीत किया है और जमीयतुल उलेमा ए हिन्द अरशद गुट के मौजूदा जिलाध्यक्ष मौलाना एहतेशामुल हक कासमी को नायाब नाज़िम बनाया गया है जबकि उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मुफ़्ती वहाजुद्दीन हलीमी को सौंपी गई है। इमारत-ए-शरिया अम्बेडकर नगर के चार पदाधिकारियों के अतिरिक्त कार्यकारणी कमेटी में 09 सदस्य भी बनाये गए हैं जिनमें मौलाना मौलाना फसीहुज्जमा कासमी, मुफ्ती अफ़ज़ाल कासमी, मौलाना अब्दुल बारी कासमी, मुफ़्ती नसीम हलीमी, मुफ़्ती साजिद कासमी, मौलाना वसी कासमी, मौलाना मुखलिसुर्रहमान कासमी, मुफ़्ती शमीम कासमी व मौलाना जावेद कासमी शामिल हैं।
बहरहाल इस्लामिक सामाजिक संगठन इमारत-ए-शरिया की कमेटी का एलान हो गया है जिसमें जमीयतुल उलेमा ए हिन्द के दोनों गुटों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है।




