अम्बेडकरनगर: जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के वाजिदपुर के बहरवातर में होलिका दहन से पहले ही अराजकता की चिंगारी भड़क उठी। शुभ मुहूर्त से पहले रात के अंधेरे में कुछ अज्ञात तत्वों द्वारा होलिका जला दिए जाने की सूचना से ग्रामीणों में जबरदस्त आक्रोश फैल गया। सात पुरवों की वर्षों पुरानी सामूहिक परंपरा पर इस हरकत को सीधा हमला माना जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार बहरवातर में सात पुरवों की एक ही सामूहिक होली जलाई जाती है, जिसे वाजिदपुर निवासी जोखन के पूर्वजों द्वारा परंपरागत रूप से प्रज्ज्वलित किया जाता रहा है। इस वर्ष भी शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होलिका दहन होना था, लेकिन उससे पहले ही असामाजिक तत्वों ने आग लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की और मौके से फरार हो गए।
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। उपजिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता और कोतवाल अजय प्रताप यादव दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जली हुई होलिका के अवशेष हटवाकर तत्काल नई होलिका स्थापित कराई, ताकि परंपरा बाधित न हो सके। प्रशासन की मौजूदगी में आज रात्रि शुभ मुहूर्त पर विधि-विधान से दोबारा होलिका दहन कराया जाएगा।
वहीं क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह ने स्पष्ट कहा कि यह कृत्य माहौल बिगाड़ने की साजिश हो सकती है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
होलिका दहन जैसे धार्मिक आयोजन से पहले हुई इस घटना ने प्रशासन की सतर्कता की परीक्षा ले ली है। फिलहाल गांव में पुलिस बल तैनात है और हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन सवाल कायम है — आखिर त्योहार से पहले यह चिंगारी किसने और क्यों भड़काई?








