अम्बेडकरनगर: हिंदू नववर्ष 2083 एवं चैत्र नवरात्रि के प्रथम दिवस के पावन अवसर पर जलालपुर नगर के शिवाला घाट स्थित मां तमसा नदी के तट पर भव्य नववर्ष महोत्सव का आयोजन किया गया। भारतीय काल गणना प्रणाली और विक्रम संवत आधारित हिंदू पंचांग के महत्व को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से नव वर्ष चेतना समिति जलालपुर द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में हवन, पूजन और दीपोत्सव के माध्यम से नववर्ष का स्वागत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान 1100 दीप प्रज्वलित कर शिव मंदिर और घाट को सजाया गया, जिससे पूरा तमसा तट अलौकिक रोशनी से जगमगा उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां भगवती के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की आराधना कर सुख-समृद्धि की कामना की।

नव वर्ष चेतना समिति के अध्यक्ष डॉ. मिथिलेश त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष भारतीय संस्कृति, परंपरा और वैज्ञानिक सोच का प्रतीक है। उन्होंने आमजन से अपील की कि अपने घरों पर ‘ॐ’ अंकित पताका लगाएं, बंधनवार सजाएं, मंदिरों और चौराहों को सजाकर नववर्ष की शुभकामनाएं अधिक से अधिक लोगों तक सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पहुंचाएं।
जिला महामंत्री पंकज वर्मा ने कहा कि यह नवसंवत्सर प्रकृति के नवजीवन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है, जो हमें नई सोच और उत्साह के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। वहीं संजीव मिश्रा ने ऐसे आयोजनों को समाज में एकता और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला बताया। नगर अध्यक्ष संदीप अग्रहरि ने कहा कि हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि का आरंभ हमें आत्मशक्ति, अनुशासन और संस्कृति से जुड़ने का संदेश देता है।
इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से संजीव मिश्रा, पंकज वर्मा, बृजेश तिवारी, संदीप अग्रहरि, शाश्वत मिश्रा, अनुज सोनकर, विकास सोनकर, राजाराम मौर्य, सुनील गुप्ता, विपिन पांडेय, अनिल वर्मा, अनिरुद्ध गौड़ सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। साथ ही मनोनीत एवं निर्वाचित सभासदों और कार्यकर्ताओं की भी सहभागिता रही।
कार्यक्रम के अंत में मां भगवती की आरती कर क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की गई।








