टाण्डा में हाउस टैक्स रिवीजन मामले में आपत्तियां करने का क्रम शुरू
अम्बेडकरनगर: प्रदेश सरकार द्वारा 28 जून 2024 को आवासीय भवनों व भूमि के सम्बंध में जारी अधिसूचना को असाधारण गजट के माध्यम से पारित किया गया है जिसके क्रम में टाण्डा नगर पालिका परिषद द्वारा हाउस व वॉटर टैक्स के रिवीजन हेतु सभी वार्डों के लिए रेट का प्रकाशन कराते हुए 12 अक्टूबर से पहले तक आपत्तियां मांगी गई है। सामाजिक संगठनों व सभासदों द्वारा उक्त मामले में आपत्तियां देने का क्रम शुरू हो चुका है।
बताते चलेंकि हाउस व वाटर टैक्स में पुनः संसोधन करने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार ने 28 जून 2024 को अधिसूचना जारी किया है जिसके अनुसार नगर पालिका व नगर पंचायतों में आवासीय भवनों व भूमियों पर हाउस व वाटर टैक्स लगाया जाएगा। असाधारण गजट के अनुसार अधिशाषी अधिकारी को रिवीजन करने के लिए नामित किया गया है।
बताते चलेंकि हाऊस व वाटर टैक्स रिवीजन के लिए सभी वार्डों में दुकानों व भवनों की मौजूदा मासिक किरायेदारी का तुलनात्मक रेट वर्ग फ़ीट में निकाला गया है जिसे गत 28 सितंबर को समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया है। सड़कों की चौड़ाई के अनुसार मासिक किराये का वर्ग फ़ीट रेट निकाला गया है और उक्त रेट पर 12 अक्टूबर से पहले आपत्तियां मांगी गई है। टाण्डा नगर क्षेत्र का कोई भी नागरिक लिखित आपत्ति नगर पालिका में अपना नाम, पता व मोबाइल नंबर के साथ दे सकता है।
बुनकर उत्थान समिति के अध्यक्ष अहमदुल्ला कादरी के नेतृत्व में बुनकर नेता सगीर बज़्मी, मुर्तुजा अंसारी, नदीम एडवोकेट, अजय बौद्ध, इमरान आदि ने नगर पालिका के अधिशाषी अधिकारी डॉ आशीष सिंह के समक्ष आपत्ति दर्ज कराते हुए सर्किल रेट कम से कम करने की अपील किया है।
वार्ड संख्या 06 मुबारकपुर के सभासद मो.नसीम ने भी नगर पालिका में दो पृष्ठीय आपत्ति लगाते हुए प्रकाशित विज्ञापन को निरस्त करने की मांग किया है। नगर पालिका अध्यक्ष पद की दावेदारी कर चुके फैसले आला अक़वम द्वारा भी हाऊस व वॉटर टैक्स रिवीजन के दौरान नगर पालिका द्वारा जारी मासिक रेट सूची पर आपत्ति दर्ज कराई गई है।
टाण्डा अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष अधिवक्ता अजय प्रताप श्रीवास्तव ने चिंता प्रकट करते हुए कहा कि समाचार पत्र में प्रकाशित मासिक किराया दर पर आपत्ति मांगी गई है जबकि हाउस व वाटर टैक्स किस अनुसार लगेगा उसकी व्यख्या नहीं किया गया है जो नगर वासियों के साथ छल के अलावा कुछ भी नहीं है। वरिष्ठ अधिवक्ता हेलाल अशरफ ने कहा कि शासन की मंशा को बोर्ड में लाकर पहले निर्वाचित सदस्यों के समक्ष रखना चाहिए और सदस्यों को विश्वास में लेकर हाउस व वाटर टैक्स का रिवीजन कराया जाना चाहिए।
बहरहाल टाण्डा नगर पालिका परिषद द्वारा नगरीय क्षेत्र के सभी वार्डों का मासिक किराया दर की सूची प्रकाशित करने से नगर वासियों में हड़कम्प मचा हुआ है और हर कोई अपने अपने हिसाब से हाऊस व वॉटर टैक्स की व्याख्या करता नजर आ रहा है।





