अम्बेडकरनगर: निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर बालिका से दुराचार करने एवं गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी के मामले में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टाण्डा तहसीलदार न्यायिक के प्राइवेट स्टोनो पर एक बालिका ने निवास प्रमाण पत्र बनवाने के नाम पर दुराचार करने का आरोप लगवाते हुए गत दिनों टाण्डा कोतवाली पुलिस को तहरीर दिया था लेकिन मामला तहसील कार्यालय एवं दो विपरीत समुदाय से जुड़ा होने के कारण सुलह समझौता का काफी प्रयास किया गया लेकिन मामला पुलिस कप्तान के दरबार मे पहुंचा तो उनके निर्देश पर टाण्डा कोतवाली पुलिस को मुकदमा दर्ज करना पड़ा।
टाण्डा कोतवाली पुलिस ने अपराध संख्या 47/24 पर आईपीसी की धारा 376, 504 व 506 के तहत अक्षय सिंह सहित अभय सिंह, हुमांशु सिंह, गोविंद सिंह व वैशाली सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
पीड़िता के अनुसार 2022 में टाण्डा तहसील में निवास प्रमाण पत्र बनवाने गई थी जहां वहाँ अक्षय सिंह पुत्र गोविन्द सिंह मोहल्ला मीरानपुरा से मिली। पीड़िता ने निवास प्रमाण पत्र बनवाने हेतु कहा तो अक्षय सिंह ने कहा की मैं बनवा दूँगा और फोन नंबर माँगा उसी के बाद से वह बार-बार फोन करने लगा और कई बार शादी का प्रस्ताव रखा परन्तु धर्म के बारे में बताकर पीड़िता तैयार नहीं हुई लेकिन माह जून 2023 में अक्षय सिंह ने फिर शादी हेतु कहा तो पीड़िता तैयार हो गयी और शादी के लिए अजमेर सरीफ विमान से ले गया लेकिन किसी कारण बस शादी नहीं हो सकी। फिर जब पीड़िता ने शादी का दबाव बनाया तो यह अपने घर पर बुलाया और महादेवा घाट पर शाम के समय ले जा कर वहाँ पर जबरदस्ती पीड़िता के साथ बलत्कार किया और अश्लील फोटो बनाया तब घर लाया घर पर कोई नहीं था और कहाँ की आज से हमारी पत्नी बनकर रहो और बाद में घर वाले आये तो अक्षय सिंह की माता वैशाली सिंह पिता गोविनद सिंह भाई हिमांशु सिंह व अभय सिंह को सारी बात बतायी तो घर वालों ने बदमाश बदचलन कहते हुये घर से निकाल दिया और धमकी दिया की अब यहाँ वापस ना आना पुनः उसी दिन अक्षय सिंह के घर वाले प्रार्थिनी के घर गये और जान से मार डालने की धमकी दिये। जिसमें खुद अक्षय सिंह भी शामिल था और कहा कि अगर कहीं गई तो कहीं का नही छोडूंगा और तुम्हारी अश्लील फोटो वायरल कर दूँगा। पीड़ित ने बताया कि डर के कारण चुप रही परन्तु बार बार धमकी मिलती रही और पुलिस को तहरीर देने के बाद उस पर दबाव डालकर सुलह का प्रयास करने लगे और सुलह करवाकर मुकदमा पंजीकृत नहीं किया बल्कि पीड़िता को बार बार थाने पर दौड़ते रहे और सिर्फ गुमराह करते रहे और रिर्पोट दर्ज करने में आना कानी करते रहे है। पीड़िता ने आखिरकार पुलिस कप्तान से गोहार लगाई जिसके बाद मुकदमा दर्ज किया गया।





