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जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण कर डीएम ने जन औषधि केंद्र को 24 घंटा चालू रखने का दिया निर्देश

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अम्बेडकरनंगे: लौह पुरुष सरदार बल्लभ भाई पटेल जी के 150वें जन्मदिन के अवसर पर जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल द्वारा महात्मा ज्योतिबा फुले संयुक्त जिला चिकित्सालय में फल वितरण के उपरांत चिकित्सालय के विभिन्न वार्डों का गहन निरीक्षण किया गया। जिलाधिकारी द्वारा सर्वप्रथम एमसीएच विंग के विभिन्न उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सीय सुविधा की सुगमता, नाश्ता एवं भोजन आदि के उपलब्धता के समय की जानकारी ली गई। इस दौरान मरीजों एवं उनके तीमारदारों द्वारा सकारात्मक उत्तर दिया गया। इसके उपरांत जिलाधिकारी ने एमसीएच विंग के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को प्रत्येक माह खाद्य सुरक्षा विभाग के द्वारा रैंडम रूप से मरीज को उपलब्ध कराए जा रहे नाश्ता एवं भोजन का जांच कराए जाने की निर्देश दिए। उन्होंने नाश्ता एवं भोजन को समय से नियमित उपलब्ध कराते रहने के साथ ही अपराह्न 05 बजे चाय एवं बिस्किट भी मरीजों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसी के साथ ही उन्होंने एमसीएच विंग में उपयुक्त स्थल पर किड्स जोन बनाए जाने और उसने बच्चों को खेलने हेतु खिलौना आदि रखने के निर्देश दिए। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा चिकित्सालय में और स्टाफ नर्स की आवश्यकता के बारे में अवगत कराया गया जिस पर जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधिकारी को फोन कर तत्काल स्टाफ उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए गए।
उक्त अवसर पर मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा बताया गया कि चिकित्सालय में शीघ्र ही एमएनसीयू का संचालन भी प्रारंभ होगा, जिला चिकित्सालय अंबेडकर नगर एमएनसीयू का संचालन करने वाला प्रदेश का तीसरा चिकित्सालय होगा।
जिलाधिकारी सगरे अनुपम द्वारा पोस्ट नेटल सर्जिकल वार्ड एवं पोस्ट नेटल वार्ड का भी निरीक्षण कर किया गया। इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा एमसीएच विंग में स्थित दवा वितरण कक्ष एवं पंजीकरण कक्ष का निरीक्षण कर दवाओं के उपलब्धता की जानकारी ली गई। इस दौरान उपस्थित चिकित्सालय मैनेजर द्वारा अवगत कराया गया कि सभी दवाएं उपलब्ध हैं। जिलाधिकारी ने दवा वितरण कक्ष के बाहर समस्त दावों की सूची का बोर्ड लगाए जाने की निर्देश दिए।

इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा दवा काउंटर पर दवा ले रहे मरीज से दवा की उपलब्धता के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई जिसमें पाया गया कि पर्चे पर लिखी गई समस्त दवाएं चिकित्सालय द्वारा उपलब्ध कराई गई हैं।
जिलाधिकारी द्वारा चिकित्सालय में संचालित जन औषधि केंद्र को 24 घंटे संचालित कराए जाने के निर्देश जन औषधि केंद्र के संचालक को दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिला चिकित्सालय में संचालित जन औषधि केंद्र अब 24 घंटे संचालित होगा जहां पर कोई भी व्यक्ति कभी भी आकर दवा ले सकता है।
निरीक्षण के दौरान एक मरीज द्वारा जिलाधिकारी के समक्ष ओपीडी के कक्ष संख्या एक (सर्जन कक्ष) में बैठे चिकित्सक डॉ विपिन वर्मा द्वारा उसे अन्य चिकित्सालय में रेफर किए जाने की शिकायत की गई। जिस पर जिलाधिकारी द्वारा तत्काल सर्जन कक्ष में पहुंचकर डॉ विपिन वर्मा से रेफर किए जाने के कारणों की जानकारी ली गई, इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया गया कि डॉक्टर विपिन वर्मा को कार्य व्यवहार खराब पाए जाने पर क्यों न उनकी सेवा समाप्त कर दी जाए का नोटिस जारी करने और जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में इसे प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा ओपीडी के विभिन्न कक्षों एवं वार्डों यथा सर्जन कक्ष, बाल रोग विशेषज्ञ कक्ष, फिजिशियन कक्ष, हृदय रोग विशेषज्ञ कक्ष, मानसिक रोग एवं टेली मेडिसिन विभाग, ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर, आयुष्मान भारत कार्यालय, कंसल्टेंट रूम, दंत रोग विभाग, फिजियोथैरिपी, पीआईसीयू आदि का निरीक्षण किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी द्वारा उक्त कक्ष में उपस्थित चिकित्सकों से मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने और उन्हें बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सालय में आने वाले मरीजों को कम से कम रेफर किया जाए।
आयुष्मान कार्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि आयुष्मान कार्यालय में आने वाले व्यक्तियों का सुगमता से आयुष्मान कार्ड बनाया जाता है इसी के साथ ही विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों के पास आयुष्मान मित्र जाकर भी उनका कार्ड बनाते हैं। जिलाधिकारी द्वारा चिकित्सालय मैनेजर को आयुष्मान कार्यालय के बाहर आयुष्मान योजना के पात्रता की शर्तों का बोर्ड लगाए जाने तथा आयुष्मान योजना से जनपद के आच्छादित चिकित्सालयों की सूची चस्पा करने तथा आयुष्मान योजना से होने वाले लाभों के विवरण का पोस्टर लगाए जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को पीआईसीयू, इमर्जेंसी वार्ड एवं ओटी में भर्ती बच्चों/मरीजों रोजाना मेडिकल बुलेटिन जारी करने के निर्देश दिए।
इसके उपरांत जिलाधिकारी द्वारा जनरल वार्ड का निरीक्षण किया गया इस दौरान भी जिलाधिकारी द्वारा जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों से चिकित्सकों के भ्रमण करने के समय की जानकारी ली गई जिस पर मरीजों एवं मुख्य चिकित्सा अधीक्षक द्वारा अवगत कराया गया कि सुबह एवं शाम में दो बार चिकित्सकों द्वारा वार्डों में भ्रमण किया जाता है। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को निर्देशित किया कि रोजाना रात्रि 10 बजे से 11 बजे के बीच में भी चिकित्सकों के द्वारा वार्डों में भ्रमण करने एवं भर्ती मरीजों को देखने के निर्देश दिए तथा वार्ड के राउंड रजिस्टर को जिलाधिकारी स्तर से सीन कराए जाने के निर्देश दिए। इमरजेंसी वार्ड के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने इमरजेंसी वार्ड के अंदर तीमारदारों के प्रवेश का समय एवं समय सीमा निर्धारित करने के भी निर्देश दिए। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को ब्लड बैंक में सैपरेटर यूनिट स्थापित किये जाने हेतु भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजने हेतु एवं ब्लड बैंक के ऊपर से जा रहे हाईटेंशन तार की लाइन शिफ्टिंग हेतु पत्र डीएसटीओ को भेजने के लिए आदेशित किया। जिलाधिकारी द्वारा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक को चिकित्सालय में और फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकताओं से अवगत कराने के भी निर्देश दिए जिससे आवश्यकता के अनुरूप समस्त सुविधाओ को सुनिश्चित करते हुए चिकित्सालय में मरीजों को और बेहतर चिकित्सीय सुविधाएं और भी सुगमता से उपलब्ध कराई जा सकें।

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