अम्बेडकरनगर। डालिम्स विद्यालय में आयोजित भव्य ‘साहित्य संगम’ में ‘डी-टॉक शो’ विद्यार्थियों के लिए सिर्फ मंचीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि सवाल, तर्क और विचारों की खुली पाठशाला बन गया। परियोजना प्रमुख राजीव सिन्हा के साथ विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर बेबाक सवाल किए और अपने विचारों को आत्मविश्वास के साथ सामने रखा।
टॉक शो के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासा और तार्किकता ने कार्यक्रम को खास बना दिया। सवाल पूछने से लेकर अपने विचार रखने तक बच्चों ने जिस आत्मविश्वास का प्रदर्शन किया, उसने साफ कर दिया कि संवादात्मक मंच विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। सहज माहौल में हुए इस संवाद ने बच्चों को मंचीय झिझक से बाहर निकलकर स्वतंत्र रूप से सोचने और अपनी बात रखने का अवसर दिया।
परियोजना प्रमुख राजीव सिन्हा ने विद्यार्थियों के सवालों का उत्साहपूर्वक जवाब देते हुए उन्हें लगातार सीखने, सवाल करने और तार्किक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने विचारों को स्पष्ट, प्रभावी और तार्किक ढंग से व्यक्त करने पर भी जोर दिया। विद्यार्थियों और अतिथि के बीच हुआ संवाद ज्ञानवर्धक होने के साथ ही प्रेरणादायी भी रहा।
कार्यक्रम में श्रीमती विनीता सिन्हा, अध्यक्षा गरिमा महिला मंडल, एच.के. सेट्टी, महाप्रबंधक-संचालन, प्रमोद कुमार गोयल, महाप्रबंधक-संचालन, रजनीश खेतान, एचओएचआर, श्रीमती मनीषा पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एम. धनैया, एसीसी सीआईएसएफ तथा अनुराग सिन्हा, डीजीएम-एचआर की गरिमामयी उपस्थिति रही।
विद्यालय के प्रधानाचार्य सुमित अरोड़ा ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि साहित्य और शिक्षा का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में प्रश्न करने की आदत, चिंतनशीलता और प्रभावी अभिव्यक्ति विकसित करना भी है। उन्होंने आयोजन से जुड़े शिक्षकों और विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना की।
‘साहित्य संगम’ का ‘डी-टॉक शो’ विद्यार्थियों के लिए संवाद, चिंतन और अभिव्यक्ति का ऐसा मंच बनकर उभरा, जहां सवालों को प्रोत्साहन मिला, तर्क को जगह मिली और जिज्ञासा को सीखने की ताकत में बदला गया। आयोजन ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास के साथ सोचने और अपनी बात रखने का यादगार अनुभव दिया।





