सोहावल प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच की मांग, मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
अम्बेडकरनगर। अयोध्या जनपद की सोहावल तहसील में लेखपाल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संगठन (एंटी करप्शन) की कार्रवाई के विरोध में शनिवार को लेखपालों का आक्रोश सड़कों पर उतर आया। प्रदेशव्यापी विरोध के तहत जलालपुर तहसील में लेखपालों ने थाना समाधान दिवस का बहिष्कार कर तहसील परिसर में धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद उप जिलाधिकारी मधुमिता सिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लेखपालों के खिलाफ की जा रही ट्रैप कार्रवाई पर रोक लगाने और सोहावल प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग उठाई गई।
बताया जाता है कि 20 अगस्त को अयोध्या जिले की सोहावल तहसील में लेखपाल उत्कर्ष दीप को भूमि की पैमाइश के नाम पर कथित अवैध वसूली के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर के लेखपाल संगठनों में नाराजगी फैल गई। शनिवार को विभिन्न तहसील मुख्यालयों पर विरोध-प्रदर्शन कर लेखपालों ने कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाए।
जलालपुर तहसील में धरने के दौरान लेखपाल संघ के तहसील अध्यक्ष जयकरण पाल ने कहा कि लेखपाल भूमि विवाद, पैमाइश, अतिक्रमण और शासन की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में अवैध रूप से कार्य करने वाले कुछ लोगों द्वारा निजी स्वार्थ अथवा दुर्भावना के चलते लेखपालों को कई बार झूठे मामलों में फंसाने का प्रयास किया जाता है।
लेखपाल संघ का कहना है कि बिना पर्याप्त जांच के ट्रैप की कार्रवाई किए जाने से पूरे संवर्ग का मनोबल प्रभावित हो रहा है। संगठन ने मांग की कि किसी भी लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई से पहले शिकायत की सत्यता और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सोहावल तहसील के लेखपाल उत्कर्ष दीप के विरुद्ध हुई कार्रवाई की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच, फर्जी अथवा दुर्भावनापूर्ण शिकायतों के आधार पर लेखपालों को ट्रैप करने की कार्रवाई पर रोक तथा भ्रष्टाचार निवारण संगठन, एंटी करप्शन और विजिलेंस विभाग की कार्रवाई को अधिक पारदर्शी, स्पष्ट एवं जवाबदेह बनाने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन में लेखपाल धर्मेंद्र सिंह, बृजेश वर्मा, गुलराज बानो, सुमित यादव, मिथिलेश यादव, वीरेंद्र सिंह, अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में लेखपाल मौजूद रहे।




