अम्बेडकरनगर: हंसवर थाना क्षेत्र के फिदाई गनेशपुर में दिव्यांग त्रिभुवन पुत्र बखडू के साथ कथित दबंगई का मामला सामने आया है। आरोप है कि करीब 50 साल से चला आ रहा सार्वजनिक रास्ता पटीदार राजमन पुत्र शंकर ने जबरन बंद कर दिया। यही नहीं, त्रिभुवन को लगभग 10 वर्ष पूर्व मिला प्रधानमंत्री आवास योजना का मकान भी इसी रास्ते से जुड़ा है, जिसका आवागमन बाधित हो गया है।
पीड़ित त्रिभुवन ने बताया कि उसने रास्ता रोके जाने की आशंका पर पहले ही हंसवर थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की थी। बावजूद इसके, 5 मार्च को विपक्षी पक्ष ने कथित रूप से जबरदस्ती रास्ता बंद कर दिया।
पीड़ित त्रिभुवन का आरोप है कि दिव्यांग होने के कारण वह पहले ही जीवन की जंग लड़ रहा है, ऊपर से घर तक पहुंचने का रास्ता बंद कर दिया गया है। इससे न केवल उसका बल्कि परिवार का भी आना-जाना ठप हो गया है।
थानाध्यक्ष हंसवर से बातचीत में बताया गया कि मामला संज्ञान में है और पुलिस भेजकर रुकवाया जाएगा। हालांकि, सवाल यह उठ रहा है कि लिखित शिकायत के बावजूद रास्ता बंद कैसे हो गया? क्या प्रशासन कार्रवाई करेगा या दिव्यांग को न्याय के लिए और इंतजार करना पड़ेगा?
ग्रामीणों में घटना को लेकर आक्रोश है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो मामला तूल पकड़ सकता है।
अब देखना यह है कि प्रशासन दबंगई पर अंकुश लगाता है या ‘संज्ञान’ की फाइलों में ही मामला दबा रह जाता है।





