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युद्ध के हालात से निपटने के लिए आम नागरिकों को कराया गया रिहर्सल, नहीं थमा वाहनों का चक्का

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मॉक ड्रिल का उद्देश्य लोगों को हवाई हमले या अन्य आपात स्थितियों में सुरक्षित रहने के तरीके सिखाना

अभ्यास के दौरान सायरन बजाकर, ब्लैकआउट कर लोगों को आपात स्थिति का कराया गया आभास

अम्बेडकरनगर: कश्मीर के पहलगाम में आम भारतीयों की निर्मम हत्या कर आपसी सौहार्द को बिगड़ने वाले पड़ोसी देश पाकिस्तान को ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से सबक सिखाने का काम भारतीय सशस्त्र सेनाओं ने किया। ऑपरेशन सिंदूर से बौखलाए पाकिस्तान द्वारा युद्ध छेड़ने की स्थिति में कम से कम जान व माल के नुकसान से बचने के उद्देश्य से सिविल डिफेन्स के लिए जनपद में बुधवार की रात्रि 08 बजे मॉकड्रिल (पूर्वअभ्यास) किया गया।
जिलाधिकारी अनुपम शुक्ल द्वारा पूरे जनपद के नगरीय क्षेत्र वासियों से अपील की गई थी कि रात्रि 08 बजे से 08:30 बजे तक घरों, कारखानों, दुकानों आदि की बिजली बन्द कर ब्लैक आउट कर दें जिससे अंदाज़ लगाया जा सके कि अगर युद्ध की आपात स्थिति बनती है तो कैसे बचाओ किया जा सकता है। इस दौरान अधिकांश लोगों ने पूर्ण सहयोग प्रदान करते हुए क्षेत्र को ब्लैकआउट कर दिया लेकिन कुछ दुकानदारों द्वारा बिजली नहीं बन्द की गई एवं कई बैंकों के बोर्ड भी जलते नज़र आये।
ब्लैक आउट मॉकड्रिल के दौरान लोग घरों के बजाय सड़कों पर नज़र आये और वाहन भी हेड लाइट जला कर चलते नज़र आये जो काफी चिंता का विषय रहा।


मॉक ड्रिल के दौरान एनटीपीसी टांडा में आपातकालीन स्थिति के दौरान नागरिकों को हवाई हमले की स्थिति में स्वयं को सुरक्षित रखने, घायल व्यक्ति को एंबुलेंस के माध्यम से सुरक्षित ढंग से उपचार हेतु भेजने, गैस सिलेंडर में आग लगने पर उसे बुझाने तथा अन्य अग्निकांड की घटनाओं में सतर्कता बरतते हुए आग पर काबू पाने के तरीके सिखाए गए।
इस ड्रिल के दौरान यह प्रदर्शित किया गया कि हवाई हमले की स्थिति में लोगों की जान कैसे बचाई जा सकती है। साथ ही, हमले में घायल व्यक्तियों को समुचित उपचार प्रदान करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुँचाने की प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला, पुलिस अधीक्षक केशव कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी टांडा, क्षेत्राधिकारी टांडा, सहित एनटीपीसी के वरिष्ठ अधिकारी एवं कई अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रह कर मॉक ड्रिल की प्रक्रिया का अवलोकन किया और उपस्थित लोगों को आपदा के समय संयम व तत्परता बरतने के लिए प्रेरित किया। इसी प्रकार समस्त नगर निकायों, औद्योगिक संस्थानों सहित संपूर्ण जनपद में ब्लैकआउट कर जन सामान्य को किसी आपात स्थिति/हवाई हमले की स्थिति में क्या करें क्या न करें के बारे में सजग एवं जागरूक किया गया।
उपरोक्त के अतिरिक्त आज जनपद के समस्त शैक्षणिक संस्थानों, परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को आपात स्थिति में क्या करें क्या ना करें की जानकारी दी गई और जनपद के अन्य स्थान पर भी मॉक ड्रिल लोगों को आपात स्थिति से बचाओ हेतु जानकारी दी गई।
पुनः बताते चलेंकि सिविल डिफेंस के लिए मॉकड्रिल का उद्देश्य था कि आपातकाल स्थिति (युद्ध) के दौरान रात्रि में पूरी तरह अंधेरा कर दिया जाता है जिससे हवाई हमला करने वाले दुश्मनों को आबादी का अंदाज़ा ना लग सके और आबादी क्षेत्र को हमला होने से बचाया जा सके।
बहरहाल जंग के हालात में हमें आबादी क्षेत्र में लाइट को बंद कर ब्लैकआउट करना एवं बचाओ के लिए सड़कों पर नहीं बल्कि घरों व सुरक्षित स्थानों पर पहुंचना होगा और साथ मे आवश्यक दवाएं व पानी आदि भी रखना होगा।

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