अम्बेडकरनगर: जलालपुर कोतवाली क्षेत्र के शेखुपुर गांव में रविवार रात एक सनसनीखेज घटना सामने आई, जहां खेत में बने छप्पर नुमा मकान में आग लगा देने का आरोप गांव के ही एक दबंग युवक पर लगा है। उस समय झोपड़ी के अंदर पिता-पुत्र सो रहे थे। अचानक धुआं भरने से उनकी नींद खुली और वे जान बचाकर बाहर भागे। ग्रामीणों की तत्परता से आग बुझाई गई, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
पीड़ित सरदीप उर्फ मोनू ने जलालपुर पुलिस को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनके खेत में घर से करीब 500 मीटर दूर छप्पर नुमा मकान बना है। रविवार रात करीब 9 बजे उनके पिता राम सुरेश और भाई सचिन वहां सोने गए थे। आरोप है कि इसी दौरान गांव का ही डब्लू यादव पुत्र सुभाष यादव वहां पहुंचा और झोपड़ी में आग लगा दी। पीड़ित के मुताबिक झोपड़ी के भीतर अचानक धुआं भरने लगा। पिता-पुत्र बाहर निकले तो छप्पर धू-धू कर जल रहा था। उन्होंने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने में जुट गए। ग्रामीणों की मशक्कत से आग पर काबू पा लिया गया, लेकिन तब तक आरोपी मौके से फरार हो चुका था। घटना की सूचना मिलते ही जलालपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पीड़ित ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित तहरीर दे दी है। इस संबंध में कोतवाल अजय प्रताप यादव ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है, जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।








