बलिया (रिपोर्ट अखिलेश सैनी) सामुदायिक स्वास्थ केंद्र रसड़ा विगत कई वर्षों से चिकित्सकों की कमी सहित अन्य दुर्व्यवस्थाओ से पहले से ही मार झेल रहा था किंतु स्वास्थ्य विभाग की स्थानांतरण नीति के चलते यहां चिकित्सकों सहित फार्मासिस्टों की भारी कमी के चलते स्वास्थ व्यवस्था ध्वस्त होकर पूरी तरह से बेपटरी हो चुकी है जिससे मरीजों में त्राहि-त्राहि मची हुई है किंतु विभाग सिर्फ कागजी खानापूर्ति के सिवाय कुछ भी नहीं कर पा रहा है। यहां तैनाती के नाम पर पांच डाक्टर हैं किंतु उनके नियमित नहीं आने तथा मात्र दो फार्मासिस्टों को 36-36 घंटे तक डियूटी करने से उनकी कार्यक्षमता प्रभवित हो रही है। इस सीएचसी की दुर्व्यवस्था यहीं समाप्त नहीं होने वाली हैं। यहां प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र पर दवा होने के बावजूद चिकित्सकों द्वारा इस केंद्र की जनरिक दवाएं नहीं लिखने से यह व्यव्यस्था भी ध्वस्त होती दिखाई पड़ रही है जो बंद होने की दहलीज पर आ खड़ी हुई है। काफी मांग के बावजूद भी यहां महीनों बाद भी बाल रोग विशेषज्ञ की तैनाती नहीं होने से लोगों की दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विभाग इन समस्याआें के समाधान कराने में पूरी तरह असमर्थ साबित होता दिखाई पड़ रहा है जबकि जनप्रतिनिधि भी नासूर होती जा रही सीएचसी की दुर्व्यवस्थाआें को ठीक कराने में कोई विशेष दिलचस्पी नहीं दिखाने से लोग आक्रोशित देखे जा रहे हैं जिनका गुस्सा किसी रोज भी अस्पताल परिसर में देखने को मिल सकता है। फार्मासिस्टों के लिए यहां बुनियादी सुविधाआें के नाम पर नहीं तो पानी, शौचालय और नहीं विश्राम हेतु कोई कक्ष है जो विभागीय व्यवस्था की पोल खोलने के लिए काफी है।
चिकित्सकों व फार्मासिस्टों की कमी से मरीज़ों में मची त्राहि त्राहि


