अम्बेडकरनगर : फातिमा ज़हरा दुनिया की तमाम ख्वातीन के लिए एक रोशनी के मीनार की हैसियत रखती हैं, यह कथन लखनऊ से आये हुए मशहूर आलिमेदीन मौलाना सैय्यद हाशिम अली रिज़वी ने अकबरपुर नगर के लोरपुर ताज़न के मोहल्ला हुसैनाबाद में इमाम बारगाह हुसैनिया ज़हरा में मजलिस को संबोधित करते हुए व्यक्त किया। इस्लाम धर्म के संस्थापक मोहम्मद साहब सल्ल. की इकलौती बेटी हज़रत फातिमा ज़हरा की शहादत पर मोमिनीने लोरपुर की तरफ से शुक्रवार की रात्रि अय्यामे अज़ाए फातमियॉ की आयोजित तीसरे दिन की तीसरी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना सैय्यद हाशिम अली रिज़वी लखनऊ ने कहा कि फातिमा जहरा ने बेटी की हैसियत से अपने बाप हजरत मोहम्मद साहब सल्ल और अपने शौहर (पति) हजरत इमाम अली की मिसाली खिदमत की और अपनी आगोश से ऐसे मिसाली बच्चे हसन और हुसैन को परवान चढ़ाया जिनका नाम दुनिया के फ़ना होने तक कायम रहेगा। हजरत फातिमा जहरा की जिंदगी ऐसा सबक है कि जो भी औरतें इनके बताएं हिदायत के रास्ते पर चलेंगी वह कभी गुमराह नहीं होंगी।
वहीं मौलाना ने फातिमा ज़हरा के किरदार को अपनाकर अपनी जिंदगी गुजारने के लिए ताकीद किया अंत में उन्होने फातिमा जहरा की शहादत के मसाएब बयान किए और चारों तरफ फिजा में सिर्फ रोने की आवाजें ही बुलंद थी मजलिस के पूर्व सोज़ख़ानी नय्यर हुसैन खॉ ने किया जबकि पेशख़ानी शजर रिज़वी ने किया मजलिस के बाद अंजुमन हुसैनिया रजिस्टर्ड हुसैनाबाद लोरपुर ने नौहा मातम पेश किया।




