आयुष्मान आरोग्य मंदिर/अर्बन हॉस्पिटल को 2 से 3 किमी दूर महिला अस्पताल में शिफ्ट करने की प्रक्रिया से जनाक्रोश
अम्बेडकरनगर: स्वास्थ सेवाओं को अत्याधिक प्रबल बनाने के उद्देश्य से केन्द्र व प्रदेश सरकार नित नई योजनाओं के सहारे आमजनों को सरलता से स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने में जुटा हुआ है लेकिन दूसरी तरफ गत 12 वर्षों से अनवरत जारी 10 हजार से अधिक आबादी के बीच मौजूद आयुष अस्पताल के नाम से प्रसिद्ध आयुष्मान अयोग्य मंदिर पर ताला लगा चुके है जिससे स्थानीय लोगों हस्ताक्षर अभियान चला कर सरकारी अस्पताल को बंद किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट ना किये जाने की मांग कर रहे हैं।

मामला जलालपुर नगर क्षेत्र के दलालटोला का है जहाँ पवित्र ग्रंथ गीता को उर्दू शायरी में अनुवाद करने वाले अंतर्राष्ट्रीय शायर पद्मश्री सम्मानित स्व.अनवर जलालपुर एवं पूर्व डीआईजी व पूर्व मंत्री नेता विरोधी दल स्व.अहमद हसन की जन्मस्थली है।
बताया जा रहा है कि उक्त अर्बन अस्पताल तक एम्बुलेंस ना पहुंचने की बात कहते हुए स्वास्थ्य विभाग उसे महिला अस्पताल में शिफ्ट करा रहा है जबकि स्थानीय लोगों का कहना है कि उक्त अस्पताल तक एम्बुलेंस बड़ी आसानी के साथ आती है। गत दिनों 12 सौ किमी दूर से ही एक डेडबॉडी उसी स्थान पर लाई गई थी लेकिन स्वास्थ विभाग भ्रमित करते हुए एक बड़ी आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं से दूर करना चाहता है। बताते चलेंकि 2013 में तत्कालीन सरकार द्वारा स्वास्थ सेवाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से दलाल टोला में अर्बन हॉस्पिटल का शुभरम्भ कराया गया था। स्थानीय लोगों के अनुसार आयुष्मान अयोग्य मंदिर (आयुष अस्पताल) को बन्द कर उसे 2 से 3 किमी दूर महिला अस्पताल में शिफ्ट किया जा रहा है, जिससे 10 हजार से अधिक की आबादी प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों द्वारा अर्बन अस्पताल को महिला अस्पताल में ही शिफ्ट करने के खिलाफ हस्ताक्षर अभियान चला कर वर्षों से संचालित सरकारी अस्पताल को उसी स्थान पर ही संचालित करने की मांग की जा रही है।




