उत्तर प्रदेश में न्याय का दूसरा नाम लाठी और बुल्डोजर, सीएम का बयान निंदनीय : गुलाम दस्तगीर
धार्मिक उन्माद फैला कर इस्लाम को मानने वालों पर गत 08 वर्षों से किया जा रहा है मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न – एआईएमआईएम
अम्बेडकरनगर: ऑल इंडिया मजलिसे इत्तेहादुल मुस्लेमीन के प्रभारी जिलाध्यक्ष दस्तगीर अहमद अंसारी के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी के माध्यम से राज्यपाल को प्रपत्र भेजा जिसमें प्रदेश में शासन प्रशासन द्वारा मुस्लिम समाज पर हो रहे जुल्मों अत्याचार की बात लिखी गई है।
ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल को अवगत कराया गया कि उत्तर प्रदेश में लोकतांत्रिक नहीं बल्कि धर्म विशेष की सरकार चल रही है, जो मुस्लिम समाज के खिलाफ नफरत फैलाने की मुहिम चलाने तक सीमित है। ज्ञापन में बरेली हिंसा का वर्णन करते हुए कहा गया कि प्रदेश में सरकार का दूसरा नाम लाठी व बुलडोजर हो गया है जो लोकतांत्रिक देश के लिए खतरा बन गया है। फतेहपुर मकबरा घटना के सम्बंध में विभिन्न संगठनों का नाम लिखते हुए ज्ञापन में बताया गया कि खुलआम शस्त्र के बलों पर गुंडई की जा रही है लेकिन सरकार उन पर कोई अंकुश नहीं लगता है जबकि इस्लाम के मानने वालों को दाढ़ी, टोपी, त्योहारों, मस्जिद, मदरसा, लव जिहाद, गोकसी आदि के नाम पर निर्दिश नाबालिगों, युवाओं, महिलाओं व बुजुर्गों के साथ तथाकथित संगठनों द्वारा मॉब्लिंचिंग की जा रही है लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है तथा बरेली हिंसा के बाद मुख्यमंत्री का निंदनीय बयान से उन तथाकथित संगठनों की हौसला अफ़ज़ाई कर रहा है। एआईएमआईएम ने राज्यपाल से प्रदेश सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग किया है।




