अम्बेडकरनगर: इस्लाम धर्म के अंतिम पेशवा पैगम्बर हज़रत मोहम्मद सल्ल. के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने एवं उनके चेलों द्वारा एक कदम आगे बढ़ते हुए पैगम्बर मोहम्मद सल्ल व मौला अली की शान में गुस्खती करने वालों पर कठोर वैधानिक कार्यवाही होनी चाहिए।

उक्त मांगे इस्लामिक धार्मिक संगठन अदारा-ए-शरैय्या टांडा द्वारा की गई है। अदारा-ए-शरैय्या द्वारा सोमवार को सूबे के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी डॉ शशि शेखर व प्रदेश के डीजीपी को संबोधित ज्ञापन टाण्डा सीओ शुभम कुमार सिंह को देते हुए कहा कि हम किसी भी धर्म मजहब व पेशवा की शान में कभी भी गुस्ताखी नहीं करते हैं और अपने मजहब व पेशवा के खिलाफ एक लफ्ज़ भी गुस्ताखी बर्दास्त नहीं कर सकते हैं। हमारे पेशवा पैगम्बर हजरत मोहम्मद सल्ल. द्वारा अमन व शांति का पैगाम दिया गया।
अदारा-ए-शरैय्या द्वारा कहा गया कि बदजबान व शैतानी हरकत करने वाला यति नरसिंहानन्द सरस्वती की इस दहशत गर्दाना हरकत पर रासुका लगाते हुए कठोर सज़ा देने का काम किया जाए। उक्त मौके पर अदारा-ए-शरैय्या टाण्डा के मौलाना फैय्याजुद्दीन मंजरी, क़मर अहमद, अतीक अहमद, मसूद अहमद, अधिवक्ता हेलाल अशरफ, अब्दुल माबूद एडवोकेट, मो.सलमान एडवोकेट, फ़ज़ल रब अंसारी, मो.इब्राहिम, मो.अकमल, मो.मसीहुज्ज्मा, तनवीर अहमद, मो.कुनैन मिस्बाही, सेराज अहमद, इमरान, मो.आदिल, शमीम अख्तर आदि लोग मौजूद रहे।



