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प्राचीन औद्योगिक बुनकर नगरी टांडा में पवित्र माँ सरयू तट किनारे स्थित मेला गार्डेन में श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश पर्व को समर्पित सर्वधर्म सामूहिक विवाह समारोह के 17वें कार्यक्रम में 17 निर्धन बहन बेटियों का हाथ पीला कर उन्हें दैनिक उपयोग के घरेलू सामान उपहार स्वरूप भेंट कर ससम्मान विदा किया जाएगा।
उक्त बातें सेवाहि धर्म: टीम के संस्थापक व संरक्षक वरिष्ठ समाजसेवी धर्मवीर सिंह बग्गा ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए बताया। श्री बग्गा ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के उद्देश्य से निर्धन बहन बेटियों की बारातों का भव्य स्वागत कर एक ही मण्डप में उनके धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विवाह सम्पन्न कराया जाता है तथा यथासम्भव उनके दैनिक उपयोग की वस्तुएं उपहार स्वरूप भेंट कर बिदा किया जाता है। थिरुआपुल के समीप स्थिर मेला गार्डेन के प्रांगण में सुंदर मंडप सजाने के अतिरिक्त हज़ारों लोगों के भोजन की भी शानदार व्यवस्था होती है। आपको बताते चलेंकि सेवाहि धर्मा: टीम द्वारा 17 वर्षों में 850 से अधिक निर्धन असहाय बहन बेटियों का विवाह संपन्न कराया जा चुका है।

सिख पंथ के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 550वें प्रकाश ऊर्व पर समर्पित 17वां सामूहिक विवाह कार्यक्रम को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए कोर कमेटी का गठन किया गया है जिसकी कमान स्वयं सेवादार धर्मवीर सिंह बग्गा संभालेंगे जबकि सेवा में मुख्य रूप से सरफ़राज़ अहमद, अबु ओसामा, भूपेश उर्फ डब्बू जायसवाल, अरविंद वर्मा, पवन मौर्य, आंनद अग्रवाल, मुरली राजभर, रंजीत वर्मा शामिल रहेंगे। प्रमुखता सामाजिक संस्था हेल्प प्वाइंट टीम ने भी उक्त कार्यक्रम में अपनी सेवा देने का एलान किया है। कार्यक्रम को सुसज्जतित व व्यवस्थित करने के उद्देश्य से ब्लू प्रिंट तैयार की गई है और प्रत्येक सेवादारों की अलग-अलग स्थानों की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है। कार्यक्रम का शुभारम्भ 26 जनवरी को ठीक 03 बजे राष्ट्रीय गान के साथ शुरू होगा तथा कई सांस्कृतिक कार्यक्रमों के उपरांत समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपना विशिष्ट योगदान देने वाली कुछ विभूतियों को ‘अवध सम्मान’ से नवाजा जाएगा। अवध सम्मान के लिए नामों के चयन ओर अंतिम मोहर लगाई जा चूकी है हालांकि उनके नामों का विधिवत एलान नहीं किया गया है।
17वें कार्यक्रम में 04 बेटियां ऐसी शामिल हैं जिनके पिता नहीं है और 02 बेटियों की माता नहीं है जबकि 01 बेटी के पिता उंसके परिवार से अलग रहते हैं तथा 01 बेटी दिव्यांग भी है। जनपद के अतिरिक्त फैज़ाबाद, बहराइच व आजमगढ़ के जोड़े भी 17वें सामूहिक विवाह का लाभ उठाएंगे।
आपको पुनः बताते चलेंकि सेवाहि धर्म: टीम बिना भेदभाव के सामूहिक विवाह कार्यक्रम का सफलता पूर्वक आयोजन करने के अलावा मेला गार्डेन पर ही प्रति दिन दो समय गुरु का अटूट लंगर चला कर काफी लोगों का पेट भरने का काम करती है तथा नेकी की दीवार के माध्यम से लोगों को मनचाहा कपड़ा भी उपलब्ध कराती नज़र आती है। इंसान की मूलभूत सुविधा रोटी व कपड़ा की पूरी जिम्मेदारी उठाए सर्वाही धर्म:टीम ने जहां एक हज़ार बहन बेटियों के विवाह कराने का संकल्प ले रखा है वहीं जनपद ही नहीं बल्कि आस पास के कई जनपदों में मिलने वाली लावारिश लाशों को उसके धार्मिक अनुष्ठानों के अनुसार अंतिम संस्कार की भी ज़िम्मेदारी उठा रखी है। उक्त टीम द्वारा ऐसी लाशों के भी अंतिम संस्कार सहर्ष किया जाता अहा जिससे उसके परिजन भी किनारा कस चुके होते हैं। सामाजिक सेवा की अतिउत्तम मिसाल पेश कर रही सेवाहि धर्म:टीम की चारों तरफ भूरी-भूरी सराहना हो रही है। सेवाहि धर्म: द्वारा आयोहित 17वें सर्वधर्म सामूहिक विवाह कार्यक्रम में हेल्प-प्वाइंट टीम ने अपनी पूर्ण सेवा देने का एलान किया है।

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