अम्बेडकरनगर: जीवन ज्योति सेवा संस्थान द्वारा मजदूर दिवस पर अकबरपुर तहसील अंतर्गत ने न्यौतारिया स्थित मुसहर बस्ती में कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मजदूरों को उनके अधिकारों को बताया गया और सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं के बारे में भी बताया गया।
उक्त अवसर पर जीवन ज्योति सेवा संस्थान के सचिव सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार सिंह ने 01 मई मजदूर दिवस क्यों मनाया जाता है समुदाय के लोगों को विस्तृत रूप से बताते हुए कहा कि सन 1986 को शिकागो के हेमा क्रेट शहर में एक प्रदर्शन हुआ इसके पीछे पीछे मजदूरों से 15-15 घंटे लगातार काम करवाना था। इससे परेशान होकर मजदूरों ने सड़क पर उतर आए। उन्होंने एकजुट होकर मांग की उनके कम घंटे को 08 घंटे कर दिया जाए। उसे मांग को लेकर स्थानीय प्रशासन से झड़प हो गई जिसमें काफी मजदूर व पुलिस वालों की जान चली गई और काफी मजदूर घायल हुए। 01 में 1889 में अंतर्राष्ट्रीय समाजवादी सम्मेलन का आयोजन हुआ। इसमें प्रस्ताव रखा गया की 01 में को दुनिया भर में मजदूरों को न्याय दिलाने के लिए और समानता के लिए मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके साथ-साथ अमेरिका सहित पूरे विश्व में काम के घंटे 08 दिए गए कई देशों ने इस दिन अपने यहां अवकाश घोषित कर दिया। भारत में पहली बार मजदूर दिवस 1923 में मनाया गया इसकी शुरुआत चेन्नई में मजदूर नेता सिंगार वेलु चेट्टियार ने की। मद्रास हाई कोर्ट के सामने पहली बार मजदूर दिवस मनाया गयाइस कार्यक्रम में मुसहर समाज के जिला अध्यक्ष श्री राम अवध वनवासी, सुदामा देवी, मीना देवी, बृजेश बनवासी, श्यामू बनवासी आदि ने भाग लिया।




