रामलीला मंचन के स्थान होगा पवित्र रामायण का पारायण पाठ – जानिए कारण

अम्बेडकरनगर: पवित्र सरयू तट किनारे स्थित प्राचीन औद्योगिक नगरी टाण्डा के दोनों प्रसिद्ध रामलीला मैदानों में इस वर्ष कोरोना संक्रमण को देखते हुए रामलीला का मंचन नहीं किया जाएगा बल्कि रामलीला मंचन के स्थान पर पवित्र धार्मिक ग्रंथ रामायण का पाठ किया जाएगा।
आपको बताते चलेंकि कोविड 19की महामारी को देखते हुए जारी की गई गाइड लाइन के अनुसार किसी भी हाल या मैदान में उसकी क्षमता का 50 प्रतिशत परंतु अधिकतम 200 की ही भीड़ सोशल डिस्टेंडिंग व मास्क की अनिवार्यता के साथ रह सकती है। उक्त गाइड लाइन को पालन करने की ज़िम्मेदारी आयोजकों को सौंपी गई है जिसके कारण अधिकांश कार्यक्रमों के आयोजक कार्यक्रम को स्थगित करते नगर आ रहे हैं। टाण्डा नगर क्षेत्र चौक में पुराना रामलीला मैदान में श्री राम रंग मंच द्वारा संचालित रामलीला का मंचन इस वर्ष स्थगित कर दिया गया है। श्री रामरंग मंच के अध्यक्ष पंडित राकेश मिश्रा ने बताया कि रामलीला मंचन के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है जबकि रामलीला मंचन के दौरान कोविड 19 प्रोटोकॉल का पालन करना संभव नहीं हो सकेगा इसलिए देश हित में रामलीला मंचन इस वर्ष स्थगित किया गया है लेकिन रामलीला के ऐतिहासिक मंच पर पवित्र धार्मिक ग्रन्थ रामायण का पारायण पाठ रात्रि 8 बजे से 11 बजे के मध्य 09 दिन तक होगा और 10वें दिन हवन का आयोजन किया जाएगा।
टाण्डा नगर क्षेत्र के मोहल्लाह कस्बा में नया रामलीला मैदान में श्री राम कृष्ण लीला समिति के बैनर पर संचालित रामलीला मंचन का भी आयोजन इस वर्ष कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए स्थगित कर दिया गया है। श्री राम कृष्ण लीला समिति के पूर्व निर्देशक राम सूरत मौर्य ने सूचना न्यूज़ से वार्ता करते हुए बताया कि कोरोना महामारी की रोकथाम के लिए जारी गाइड लाइन को देखते हुए रामलीला मंचन के दौरान भक्तों की भीड़ रोकना संभव नहीं है इसलिए रामलीला का मंचन स्थगित कर दिया गया है लेकिन रामलीला मंच पर ही पवित्र रामायण का पाठ रात्रि में किया जाएगा और उस दौरान कोविड 19 के प्रोटोकॉल का पूर्ण पालन भी किया जाएगा।
बहरहाल टाण्डा नगर क्षेत्र में आयोजित होने वाले दोनों रामलीला मंचों पर इस वर्ष रामलीला का मंचन नहीं किया जायेगा हालांकि रामलीला के मंचों पर पवित्र धार्मिक ग्रन्थ रामायण का पाठ अवश्य होगा।