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अम्बेडकरनगर : लखनऊ पुलिस कमिश्नर द्वारा 04 अप्रैल को जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर सूचित किया कि अम्बेडकरनगर जनपद के भी दो लोगों का लखनऊ में मेडिकल चेकअप कराया गया जिसमें कोरोना वायरस पास्टिव होने की पुष्टि हुआ है हालांकि आज एक संसोधित पत्र आया लेकिन जिस पर आयुक्त के हस्ताक्षर नदारत थे।
प्रदेश के प्रथम पुलिस कमिश्नर सुजीत पाण्डेय के कार्यालय पत्रांक सीए/सीपी-32/2020/1509 पर अम्बेडकरनगर सहित चार अन्य जनपदों के जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को पत्र लिख कर बताया गया कि सूची में अंकित लोगों का लखनऊ में स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया जिनमें कोरोना पास्टिव होने की पुष्टि हुआ है। उक्त पत्र मिलते ही जनपद के अधिकारियों ही नहीं बल्कि पत्रकारों व सूची में नाम आने वालों के परिजनों में हड़कम्प मच गया। उक्त सूची में शहजादपुर अकबरपुर के क़ुतुबुज्ज्मा पुत्र कमरुजमा व टाण्डा निवासी दिलशाद अख्तर पुत्र अकबर हुसैन का नाम शामिल था। सूची सामने आते ही प्रशासनिक व पुलिस अमले में हलचल मच गई और उनके घरों पर पुलिस टीमो ने पहुंच कर पूंछतांछ करना शुरू कर दिया हालांकि पत्र में दिलशाद अहमद की पत्नी का मोबाइल नंबर अंकित किया गया है जिसके बाद से उन्हें फोन कर कुशमक्षेम पूँछने वालों का सिलसिला चल पड़ा।
आपको बताते चलेंकि शहजादपुर अकबरपुर के क़ुतुबुज्ज्मा पुत्र कमरुजमा व टाण्डा के डॉक्टर दिलशाद अख्तर की पत्नी की लखनऊ सीएमओ कार्यालय में ही कोरोना वायरस के निपटने के लिए बनी ट्रिम में ड्यूटी लगी हुई है। टाण्डा निवासी डॉक्टर दिलशाद अख्तर ने बताया कि सूची प्रकाश में आने के बाद से उनके परिजनों व परिचितों में हड़कम मच गया है और उन्होंने कई बार पुलिस कमिश्नर से वार्ताए करने का प्रयास किया लेकिन फिलहाल वार्ता नहीं हो सकी है।
04 अप्रैल को जारी उक्त पत्र के बाद मची हड़कम्प के उपरांत उसी तरह का एक और पत्र रविवार को सोशल में वायरल हुआ जिसमें पत्रांक 1513 तो पड़ा हुआ था लेकिन पुलिस कमिश्नर के हस्ताक्षर नहीं थे। रविवार को जारी संसोधित पत्र में कहा गया कि 04 अप्रैल को जारी पत्र में जिन लोगों को कोरोना पास्टिव बताया गया था वास्तव में वो लोग कोरोना पास्टिव मरीजों के संपर्क में आए हैं।
बहरहाल पुलिस कमिश्नर कार्यालय द्वारा जारी कोरोना पास्टिव मरीजों के संपर्क में आने वालों की सूची को त्रुटि के कारण कोरोना पास्टिव व्यक्तियों की सूची बता दिया गया था जिसके बाद जनपद के प्रशासनिक, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग व पत्रकारों सहित सूची में आये दोनो लोगों के परिजनों व चिरपरिचितों में हड़कम्प मच गया था लेकिन संसोधिय पत्र आने के बाद सभी लोगों ने राहत की सांस लिया।

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