अम्बेडकरनगर: विश्व हिंदू परिषद ने शनिवार को जलालपुर में नगर पालिका भर्ती, परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने के विवादित प्रयास और देवस्थान भूमि पर कथित अतिक्रमण जैसे मुद्दों को लेकर प्रशासन के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया। संगठन के पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी ईशा प्रिया एवं पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की।
विहिप के जलालपुर नगर अध्यक्ष आदित्य मिश्रा, नगर मंत्री अंकित यादव, सत्यम यादव समेत कई पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि जलालपुर नगर पालिका में लगभग 150 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई। संगठन का दावा है कि भर्ती में नियमों की अनदेखी करते हुए विशेष समुदाय को प्राथमिकता दी गई। विहिप ने मामले की दूसरे तहसील स्तर से मजिस्ट्रेटी जांच कराने तथा कार्रवाई से संगठन को अवगत कराने की मांग की।
ज्ञापन में मालीपुर थाना क्षेत्र के एक प्रकरण को भी प्रमुखता से उठाया गया। संगठन के अनुसार एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर फर्जी दस्तावेजों के जरिए परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने का प्रयास किया गया। विहिप का कहना है कि मीडिया में मामला सामने आने और हिंदू संगठनों के विरोध के बाद आवेदन निरस्त कर दिया गया, लेकिन संबंधित अधिकारियों, कर्मचारियों और आवेदकों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
इसके अलावा वाजिदपुर स्थित शिवजी देवस्थान की भूमि पर कथित अतिक्रमण का मुद्दा भी प्रशासन के सामने रखा गया। नगर अध्यक्ष आदित्य मिश्रा ने आरोप लगाया कि एक खतौनी धारक ने देवस्थान एवं बंजर भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया है और देवस्थान तक जाने वाले चकमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया गया है। विहिप ने प्रशासन से राजस्व टीम गठित कर पैमाइश कराने और अतिक्रमण हटाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। विहिप ने प्रशासन से सभी मामलों में निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई की जानकारी संगठन को उपलब्ध कराने की मांग की है।





