जमीयतुल उलेमा हिन्द की राष्ट्रीय टीम सहित अम्बेडकरनगर टीम सहित किछौछा दरगाह के सज्जादानशीन सैय्यद मोईनुद्दीन अशरफ उर्फ मोइन मियां, सामाजिक कार्यकर्ता सैय्यद आबिद हुसैन उर्फ बजरंगी भाई जान आदि ने भी उदयपुर में हुई घटना की कड़ी निंदा करते हुए कठोर कार्यवाही की मांग किया है।

विश्व विख्यात सूफी संत हज़रत सैय्यद शाह सुल्तान मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के वंशज व सज्जादानशीन अल्लामा मौलाना सैय्यद शाह मोईनुद्दीन अशरफ उर्फ मोइन मियां ने भी घटना पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे मुसलमानों को इस्लाम धर्म की सही शिक्षा ग्रहण करने की आवश्यकता है जो इस्लाम के नाम पर हत्या जैसा संगीन पाप करने में संकोच नहीं करते। शांति व सौहार्द बनाने की अपील करते हुए श्री मोईन अशरफ ने कहा कि आरोपियों को उनके कृत्यों की देश के कानून के अनुरूप कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए।

जमीयतुल उलेमा हिन्द के महासचिव मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने पवित्र पैगंबर के कथित अपमान के संदर्भ में उदयपुर में की गई हत्या की निंदा की है। उन्होंने कहा, “जिसने भी इस घटना को अंजाम दिया उसे किसी भी तरह से जायज नहीं ठहराया जा सकता, यह देश के कानून और हमारे धर्म के खिलाफ है।” हमारे देश में क़ानूम की व्यवस्था है, किसी को भी क़ानूम अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है।
मौलाना हकीमुद्दीन कासमी ने इस अवसर पर देश के सभी नागरिकों से अपनी भावनाओं पर नियंत्रण रखने और देश में कानून व्यवस्था बनाए रखने में अपनी भूमिका निभाने की अपील की।

अम्बेडकरनगर जमीयतुल उलेमा के जिलाध्यक्ष मुफ़्ती महबुबुर्रहमान कासमी ने भी उदयपुर में हुई घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए और सभी लोगों को शांति व अमन बनाये रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी मजहबी पेशवा को बुरा भला कदापि न कहें और धैर्य व सब्र से काम लेते हुए अपने अपने क्षेत्र में शांति बनाए रखें। श्री महबुबुर्रहमान ने सोशल मीडिया पर भी किसी तरह की आपत्तिजनक टिपणी ना करने की अपील किया है। उन्होंने कहा कि धर्म की आड़ में हिंसा कदापि बर्दास्त नहीं है और ऐसी घटना से इस्लाम ही नहीं बल्कि देश भी बदनाम हो रहा है इसलिए घटना की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।

भोपाल रहते हुए विदेशों में फंसे भारतीयों की निःस्वार्थ मदद कर उनकी वतन वापसी कराने में जुटे वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता व अम्बेडकर नगर जनपद निवासी सैय्यद आबिद हुसैन उर्फ बजरंगी भाई जान ने भी उदयपुर में हुई घटना पर अफसोस प्रकट करते हुए कड़े शब्दों में भर्त्सना किया है और मांग किया है कि घटना के आरोपियों की कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। बजरंगी भाई जान ने शांति की अपील करते हुए कहा कि अपनी मांगों को कानून के दायरे में रखकर मांगे और किसी भी दशा में हिंसा का सहारा कदापि ना लें।

बताते चलेंकि इस्लाम धर्म के अंतिम संदेष्टा पैगम्बर दहब के खिलाफ भाजपा की पूर्व प्रवक्ता द्वारा एक टीवी चैनल पर होने वाली डिबेट के दौरान आपत्तिजनक टिपण्णी किया था जिसके बाद पूरे देश मे मुस्लिम समुदाय द्वारा विरोध प्रदर्शन कोय जा रहा था और इस दौरान उदयपुर राजस्थान में एक दर्जी दुकानदार द्वारा नूपुर शर्मा का समर्थन कर दिया गया था जिससे जान से मारने की खुलेआम धमकी दी गई थी। धमकी के बाद दर्जी दुकानदार द्वारा दुकान बंद रखी गई थी और फिर स्थानीय प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों के साथ बैठक कर मामला शांत कराया गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार कपड़ा सिलाने के बहाने आये दो मुस्लिम युवकों द्वारा नूपुर शर्मा का समर्थन करने वाले पर धारदार हथियार से हमला कर दिया जिसमें उसकी मौत हो गई जबकि एक अन्य युवक घायल हो गया। चर्चा है कि हत्या की वीडियो भी बनाई गई और दोनों युवकों ने हत्या की ज़िम्मेदारी भी लिया।

उक्त घटना से एक बार फिर नूपुर शर्मा प्रकरण चर्चा का विषय बन गया जिसको लेकर प्रशासन भी सतर्क हो गया। एक तरफ जहां जमीयत उलेमा की राष्ट्रीय व जिला कमेटी द्वारा शांति बनाए रखने के साथ दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की मांग किया है वहीं दूसरी तरफ किछौछा दरगाह के साहिबे सज्जाद मौलान मोईन अशरफ व वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता आबिद हुसैन उर्फ बजरंगी भाईजान सहित अन्य धर्मिक गुरुओं व सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा भी घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए सख्त कार्यवाही की मांग एवं आम जनों से शांति बनाए रखने की अपील किया गया है।