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टांडा: तेगा हत्याकांड में आधा दर्जन अभियुक्त गिरफ़्तार, जानिए पूरा घटनाक्रम

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पिता व चाचा के कारण किया तेगा की हत्या

अम्बेडकरनगर: टांडा कोतवाली क्षेत्र के पकड़ी भोजपुर में सपा नेता संजय यादव उर्फ तेगा की हत्या में शामिल आधा दर्जन अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। टांडा कोतवाली पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन व आलाकत्ल चार लोहे का पाइप बरामद कर लिया है।


पुलिस द्वारा दावा किया गया कि आरोपी अनुराग से पूछने पर बताया कि साहब केवल गुस्से में आकर यह सब हो गया, संजय यादव उर्फ तेगा अगर मेरे पिता जी को गांव मे सबके सामने थप्पड़ नहीं मारा होता और मेरे पिता जी के मान सम्मान और प्रतिष्ठा की बात नहीं होती तो यह सब नहीं हुआ होता। गत 06 मई को मेरे गाँव में त्रिभुवन यादव की लड़की की शादी थी जिसने मैं अपने दोस्त अंश यादव उर्फ डब्बू यादव के साथ मौजूद था और मेरे पापा रामसजीवन यादव भी मौजूद थे, शादी में मंच पर डांस करने को लेकर के मेरा और अंश का संजय यादव उर्फ तेगा व आशाराम यादव, जोखू यादव से झगड़ा होने लगा और ये लोग मुझे और अंश को मारने पीटने लगे तब तक मेरे पापा भी आ गये। और बीच बचाव करने लगे तो संजय यादव उर्फ तेगा ने मेरे पापा को भी कई थप्पड़ मार दिया, तब तक गांव के लोगो ने बीच बचाव कर दिया मुझे काफी चोट लगी थी इसके बाद मेरे पापा मुकदमा लिखाने के लिए कहने लगे तो संजय यादव उर्फ तेगा कहने लगा कि चलो हम लोग राज यादव और अंश यादव के खिलाफ लूट का मुकदमा लिखवाते हैं कि ये लोग अपराधी है और शादी में लूट पाट करने के लिए आये थे। तब मैने अपने पिता जी से कहा कि जाने दीजिये मुझे मुकदमा नहीं लिखवाना और गांव वालो के कहने पर हमने सुलह कर लिया है, इसके बाद घर पर मेरे पिता और मेरे चाचा राकेश यादव मुझसे कहने लगे कि तुम साले अपने तो गांव में लात खाये और बाप को भी लात खिलाये, तुम्हारी तो कोई इज्जत है नहीं और हम लोगो को भी तुम कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहने दोगे।

गांव में लात भी खाये बाप को भी लात खिलाये और मुकदमा भी नही लिखवाने दिये सुलह भी कर लिये अब हम लोगो की गांव मे क्या इज्जत रह गयी और मेरे पिता जी रोने लगे तब मैने कहा कि मैने सुलह भले ही कर लिया है लेकिन मैं संजय यादव जोखू यादव, आशाराम यादव को छोडूंगा नहीं और मैं इसका बदला जरूर लूंगा। तब मेरे चाचा कहने लगे कि तुम कुछ नहीं करोगे और फिर लात खाकर चले आओगे और मेरे पिता जी कहने लगे कि अगर तुमने संजय, जोखू आशाराम से बदला नहीं लिया और इनको नहीं मारा तो मैं जहर खाकर मर जाऊंगा। मैं इस अपमान को लेकर मुंह नहीं दिखा सकता और न जी सकता हूँ। मेरे चाचा और मेरे पिता कहने लगे अगर तुमको कुछ करना है तो इन लोगो के साथ ऐसा बदला लो कि दोबारा कोई हम लोग की तरफ आंख उठाकर न देखे।

 

तब मैने कहा कि आप लोग विश्वास रखिये आप लोग जैसा कह रहे है वैसा ही होगा। बस आप लोग केवल मुझे दो चार दिन का समय दे दीजिये। इसके बाद मैने व अंश यादव उर्फ डब्बू पुत्र दयाराम यादव निवासी खपुरा थाना अकबरपुर अनगर अपने गुट के अन्य साथियो आनन्द यादव उर्फ नन्दन उर्फ बड़काऊ पुत्र अरुण कुमार निवासी कांदीपुर (तुलसीपुर) थाना मालीपुर, मो. शाबान पुत्र मो. मुस्तकीम निवासी भटौली थाना टाण्डा, अभिषेक यादव पुत्र ओमप्रकाश निवासी मखदूम सराय थाना अलीगंज, अविनाश वर्मा पुत्र सियाराम वर्मा निवासी ग्राम चकसंसारी थाना टाण्डा, आयुष यादव पुत्र ओम कार यादव निवासी अमरौला थाना सम्मनपुर, अजीत यादव पुत्र रघुनाथ यादव निवासी मछलीगांव थाना सम्मनपुर ने मिलकर आयुष यादव के गांव अमरौला मे बाग में बैठ कर संजय यादव उर्फ तेगा, जोखू यादव, आशाराम यादव को मारने का योजना बनाया।
दिनांक 09 मई को कृष्णा मैरिज हाल में संजय यादव की चचेरी बहन की शादी थी जिसमे तय था कि संजय यादव उर्फ तेगा, जोखू यादव, आशाराम यादव तीनो रहेगे और वहीं पर हम लोग बाहर घात लगाकर बैठे रहेंगे और जैसे ही मौका मिलेगा इन लोगों को उठाकर कहीं दूर ले जाकर मारेंगे। उक्त योजना बनाने के बाद हम लोगो ने आयुष यादव के घर से लोहे की पाइप लेकर मो. शाबान की ब्रेजा कार व अजीत यादव की सेन्ट्रो कार में रख लिए। इसके बाद मैंने घर पर जाकर अपने पिता और चाचा से बताया कि संजय यादव जोखू यादव और आशाराम यादव को निपटाने की योजना बना लिया गया है।

 

आज रात में इनको हम लोग निपटा देगे। तब मेरे पिता और चाचा ने कहा कि जो भी करना सावधानी से करना ताकि किसी को पता न चल पाये। इस बाद अपनी बनाई गयी योजना के तहत रात मे करीब 09 बजे के आस पास मैं, अंश यादव, शाबान, अभिषेक यादव, अविनाश वर्मा, आयुष यादव, अजीत यादव, बड़काऊ उर्फ आनन्द सभी लोग शाबान और अजीत की कार से असौआ पार मोहरई में स्थित कृष्णा मैरिज हाल के बाहर रोड पर गाड़ी थोड़ी दूर खड़ा करके संजय यादव, जोखू, आशाराम का इतंजार करने लगे कि रात के करीब 09.45 बजे के आस पास जोखू यादव स्कार्पियो कार से निकला जिसका हम लोगो ने पीछा करके स्कार्पियो को ओबरटेक करके रुकवाना चाहा तो नही रुका और अपनी स्पीड बढाकर भाग निकला कुछ दूर पीछा करने के बाद जब जोखू यादव हाथ नही लगा तो हम लोग पुनः मैरिज हाल के सामने पहुंचकर संजय यादव व आशाराम का इंतजार करने लगे कि रात करीब 12.45 बजे के आस पास संजय यादव उर्फ तेगा मैरिज हाल से पैदल निकलकर पेशाब कर रहा था तब तक हम लोगो ने एकाएक संजय यादव उर्फ तेगा को पकड़ कर उसका मुंह दबाकर जबरदस्ती अपनी ब्रेजा कार मे बैठा लिए ब्रेजा कार मे मै, शाबान, आनन्द उर्फ बडकाऊ और अंश यादव उर्फ डब्बू बैठे थे गाड़ी मो० शाबान चला रहा था। तथा सेन्ट्रो कार मे अजीत, आयुष, अविनाश, अभिषेक वर्मा बैठे थे। सेन्ट्रो कार अजीत चला रहा था। हम लोगो ने योजना बनाया था कि संजय यादव उर्फ तेगा को मारकर इसका कपड़ा कही और फेक देगे और इसके बाद लाश दूर कही और फेंक देगे और इसका चेहरा जला देगे ताकि पता न चल पाये कि किसकी लाश है और जब यह पता नही चलेगा लाश किसकी है तो यह भी पता नहीं चलेगा कि इसको किसने मारा इसलिए हम लोगो ने कार में ही संजय यादव उर्फ तेगा को मारते पीटते हुए उसका कपड़ा उतरवा दिये और उसके कपड़ो को टन्ना मन्ना के पास नहर में फेक दिये ताकि कपड़ा बहकर दूर कही चला जाये क्योकि नहर मे पानी का बहाव तेज था। इसके बाद संजय यादव उर्फ तेगा को अंश यादव के घर के कुछ दूरी पर स्थित बाऊण्ड्री वाल में ले जाकर गाड़ी से उतार कर हम सभी लोगो ने ब्रेजा व सेन्ट्रो कार में पहले से रखे लोहे के पाइपो को निकाल कर संजय यादव उर्फ तेगा यादव को मारे पीटे और जब वह बेहोश हो गया और हम लोगो को लगा कि यह मर गया है तो अपने गांव मे दहशत फैलाने की नीयत से संजय यादव को सेन्ट्रो कार मे लाद कर भोजपुर मे हीरालाल यादव के घर के सामने रोड के पूरब तरफ किनारे फेंककर उसका फोन वही पर रखकर हम लोगो ने सोचा कि संजय यादव का फोन और चेहरा दोनो जला देते है तब तक हम लोगो ने देखा कि बरियावन की तरफ से रोशनी आ रही थी और लगा कि गाड़ी आ रही है तब हम लोगो ने सोचा कि हम लोग पहचान में आ जायेगे इसलिए हम लोग गाड़ी में बैठकर वहां से भाग गये। हम लोगो को यह नहीं पता था कि संजय यादव अभी जिन्दा है अगर हम लोग अपनी योजना में पूर्ण रूप से कामयाब हो गये होते और संजय यादव और उसके फोन को जला दिये होते तो शायद पता नहीं चल पाता कि लाश संजय यादव की है। और हम लोग पकड़े भी नहीं जाते।
बहरहाल टांडा कोतवाली क्षेत्र में सक्रिय शातिर गैंग के आधा दर्जन लोगों को पुलिस ने तेगा हत्याकांड में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है और आलाकत्ल व घटना में प्रयुक्त वाहन को भी बरामद कर लिया है।

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