शिक्षा और सामाजिक सुधार कार्यक्रम में उमड़ी भीड़
अम्बेडकरनगर: 10वीं मोहर्रम के अवसर पर टाण्डा नगर के मुस्हाँ मैदान में आयोजित 28वां अज़ीमुशान नात ख़्वानी कार्यक्रम पूरी धार्मिक आस्था, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता का अनूठा संगम बन गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों और क्षेत्रवासियों ने शिरकत की। वक्ताओं ने हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) की कुर्बानी को इंसानियत, इंसाफ और सत्य की रक्षा का सबसे बड़ा संदेश बताते हुए युवाओं से शिक्षा और अच्छे चरित्र को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में कर्नल डॉ. इरफान अहमद, असहाब अहमद (सुपरिंटेंडेंट, इनकम टैक्स विभाग) तथा मुसाब अज़ीम सम्मानित अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं मशहूर शायर अकरम जौनपुरी बतौर मेहमान-ए-खुसूसी शामिल हुए। कार्यक्रम की अध्यक्षता हाजी दस्तगीर अहमद ने की, जबकि सरपरस्ती मास्टर कुबैस अहमद रहमानी ने निभाई।

इस अवसर पर वर्ष 2026 की हाईस्कूल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को शॉल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में मोहम्मद अर्सलान, अरीशा फातमा, शहरीन फातमा, अरीबा फरहीन, मोहम्मद अफ्फान तथा आयशा मरियम शामिल रहे।

अतिथियों ने सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज को नई दिशा देने का सबसे सशक्त माध्यम है।
इसी क्रम में वर्ष 2026 की इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी शॉल, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित विद्यार्थियों में मोहम्मद इज़हान (पुत्र मोहम्मद मुनज़्ज़म, सकरावल पश्चिम, टांडा – आदर्श जनता इंटर कॉलेज), मिशक़ात अहमदी (पुत्री अनवर अली, क़ाज़ीपुरा, टांडा – आदर्श जनता बालिका इंटर कॉलेज), अतूफा अलवरा (पुत्री मोहम्मद उज़ैर, छज्जापुर, टांडा – मुस्लिम निस्वाँ इंटर कॉलेज), असरा नाज़ (पुत्री अब्दुल हई, अलीगंज, टांडा – फ़ातमा गर्ल्स इंटर कॉलेज), मोहम्मद शाहबाज़ (पुत्र इमामुद्दीन, छज्जापुर, टांडा – क़ौमी इंटर कॉलेज) तथा इलमा फ़ातमा (पुत्री मोहम्मद अमजद, सकरावल गोठ, टांडा – मंज़रे हक़ निस्वाँ इंटर कॉलेज) शामिल रहे। अतिथियों ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा ही समाज की वास्तविक पूंजी है और ऐसे मेधावी छात्र-छात्राएं आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा स्रोत हैं।
इसके अलावा कार्यक्रम में पवित्र क़ुरआन हिफ़्ज़ (कंठस्थ) करने वाले चार हाफ़िज़-ए-क़ुरआन को भी विशेष रूप से शॉल, स्मृति चिह्न एवं प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित हाफ़िज़ों में हाफ़िज़ मोहम्मद अयान कामिल (पुत्र मोहम्मद कामिल, मुस्हाँ टांडा), हाफ़िज़ मोहम्मद शादाब (पुत्र आफ़ताब आलम, मुमताज़गंज टांडा), हाफ़िज़ मोहम्मद सज्जाद (पुत्र वकील अहमद, तलवापर नई बस्ती) तथा हाफ़िज़ा शिफ़ा फ़ातमा (पुत्री अशरफ़ शादाब, मुस्हाँ टांडा) शामिल रहे। अतिथियों ने सभी हाफ़िज़ों को मुबारकबाद देते हुए कहा कि क़ुरआन की तालीम और आधुनिक शिक्षा का समन्वय समाज को नैतिक, संस्कारित और प्रगतिशील बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

कार्यक्रम के सफल आयोजन में रिजवान अहमद, मोहम्मद मासूम, तुफैल अहमद, जफर हयात, मोहम्मद तारिक, अरबी हसन, जफर अली, जमाल अख्तर, अकबर अली, शीबू, अरमान, जुल्फिकार, अबसार अहमद तथा सभासद प्रतिनिधि मोहम्मद अहमद सहित अन्य सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम का आयोजन अंजुमन बहारे जन्नत, अंजुमन सालारिया एवं शमा शाहीन कमेटी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों, उलेमा, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए समाज में शिक्षा, भाईचारे और इंसानियत के संदेश को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।




