अम्बेडकरनगर: सार्वजनिक सड़क पर खुकेआम तलवार लहराकर जन्मदिन मनाने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस हरकत में तो आई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल शांति भंग की धारा में चालान कर मामला निपटा दिया गया। यह कार्रवाई अब पुलिस की मंशा और कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो में साफ तौर पर देखा गया कि खुलेआम धारदार हथियार का प्रदर्शन किया गया, जिससे आम लोगों में भय का माहौल बना। इसके बावजूद न तो आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया और न ही किसी गंभीर आपराधिक धारा का इस्तेमाल किया गया, जिससे संदेश गया कि कानून तोड़ा जा सकता है, बस वायरल होने पर औपचारिकता निभा दी जाएगी।

मामला अकबरपुर कोतवली क्षेत्र के मुरादाबाद रेलवे स्टेशन पर स्थित महफ़िल कैफे का है, जहां बर्थ डे जश्न मनाने के लिए कैफे के बाहर आये मनबढ़ युवाओं ने तलवार से केक ही नहीं काटा बल्कि तलवार को लहरा कर स्थानीय लोगों में भय पैदा कर दिया था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यही कृत्य किसी आम व्यक्ति द्वारा किया जाता तो सख्त धाराओं में मुकदमा दर्ज होता। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या कानून का पैमाना सबके लिए एक समान नहीं है?
सोशल मीडिया और वीडियो वायरल होने एवं सूचना न्यूज़ पर खबर प्रसारित होने के बाद हरकत में आई अकबरपुर कोतवली पुलिस ने आननफानन में इम्तियाज अहमद पुत्र स्व. तहुवर अली निवासी मोहल्ला मुरादाबाद अकबरपुर, जीशान पुत्र गुड्डू निवासी शहजादपुर अकबरपुर, मो. आरजू पुत्र इरफानउल्लाह निवासी मुरादाबाद रेलवे स्टेशन अकबरपुर, तारिक पुत्र अनवर जमाल निवासी चौक शहजादपुर थाना अकबरपुर को गिरफ्तार तो कर लिया लेकिन उनके खिलाफ कोई ठोस मुकदमा ना लिख कर मात्र शांतिभंग की आशंका में चालान कर दिया जो क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में भी किसी ठोस मुकदमे का जिक्र नहीं है, जिससे यह आशंका और गहराती है कि मामले को जानबूझकर हल्की धाराओं में दबाने की कोशिश की गई। मामूली मामलों में परेड कराने वाली पुलिस इन मनबढ़ों की पुलिस हिरासत में मात्र एक तश्वीर पत्रकारों को उपलब्ध कराई गई तथा सोशल सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर उक्त मामले का पोस्ट तक नहीं डाली गई, जो कहीं ना कहीं मनबढ़ों के हौसले को बढ़ाने का काम भी करती नज़र आ रही है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या कानून का डर खत्म होता जा रहा है और क्या सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होना ही पुलिस कार्रवाई की नई कसौटी बन चुका है? जनता सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रही है, ताकि खुलेआम हथियार लहराने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जा सके।








