अम्बेडकरनगर: तहसीलदार न्यायालय में फैसले दिलाने के नाम पर कथित वसूली का खेल सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में खलबली मच गई। आरोप है कि तहसीलदार का नाम लेकर वादकारियों से धन उगाही की जा रही थी। शिकायत की जांच में मामला सही पाए जाने पर तहसीलदार ने तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित पेशकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
अधिवक्ताओं ने तहसीलदार एवं पीठासीन अधिकारी निखिलेश कुमार से शिकायत की कि न्यायालय में लंबित मुकदमों की फाइलों पर जल्द फैसला दिलाने के नाम पर पेशकार विनोद वादकारियों से अवैध वसूली कर रहा है। शिकायत मिलते ही तहसीलदार ने पेशकार को तलब कर पूछताछ शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर तहसीलदार का पारा चढ़ गया। पेशकार को कड़ी फटकार लगाई गई और तत्काल प्रभाव से उसे वर्तमान न्यायालय से हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई। उसके स्थानांतरण के लिए उच्चाधिकारियों को पत्र भी भेज दिया गया है।
कार्रवाई की खबर फैलते ही तहसील परिसर में दिनभर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। अधिवक्ताओं और वादकारियों के बीच यह मामला चर्चा का प्रमुख विषय बना रहा। लोगों का कहना है कि यदि शिकायत पर इसी तरह सख्त कार्रवाई होती रही तो न्यायालयों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
तहसीलदार निखिलेश कुमार ने साफ शब्दों में कहा कि “न्यायालय की निष्पक्षता पर कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। फैसला दिलाने या फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर धन उगाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं होगी।”




