अम्बेडकरनगर एसपी अभिजीत आर शंकर के निर्देश पर एडिशनल एसपी पूर्वी श्याम देव ने की जांच और दोनों सिपाहियों को पाया दोषी
अम्बेडकरनगर: जनपद पुलिस की साख को झकझोर देने वाला सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। सोना के बदले नकली नोट खपाने के गोरखधंधे में डायल-112 के दो सिपाही लिप्त पाए गए, जिन्हें एसपी अभिजीत आर. शंकर के निर्देश पर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया तथा एक अन्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया।
एडिशनल एसपी पूर्वी शयम देव अम्बेडकरनगर
मामले की गहन जांच एडिशनल एसपी पूर्वी श्याम देव ने की, जिसमें यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि आरोपित सिपाही अनिल यादव व आदेश यादव की दो लाख रुपये के नकली नोटों की डील में सीधी संलिप्तता थी। जांच रिपोर्ट में दोष सिद्ध होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।
एसपी अभिजीत आर. शंकर ने साफ शब्दों में कहा कि वर्दी पहनकर अपराध करने वालों के लिए पुलिस में कोई जगह नहीं है। दोषी पाए जाने के बाद दोनों सिपाहियों को तत्काल हिरासत में लेकर न्यायिक प्रक्रिया के तहत जेल भेजा गया।
जानिए क्या है पूरा मामला
राजेसुल्तानपुर थाना पर दर्ज मुकदमा संख्या 12/26 पर बीएनएस की धारा 318(4), 308(5) व 351(3) दर्ज किया गया था जिसके मुकदमा वादी शिवम मिश्रा पुत्र रामश्याम निवासी गोरखपुर ने बताया कि उनके व्हाट्सएप पर कम पैसे में अधिक मात्रा में सोना (गोल्ड) दिलाने का फोन आया जो 50 ग्राम सोना दो लाख में दिलाने को कहा और 13 जनवरी को देवरिया बाजार से आगे एक किमी की दूरी पर बांये साइड पर पहुंचने के लिए कहा जहाँ प्रमोद सिंह व वीरेन्द्र वर्मा मिले जहाँ दो सिपाही ब्लैक कलर बुलेट मोटर साइकिल बिना नम्बर प्लेट के जो मेरी कार के पीछे थोडी दूर पर खडे हो गये। उक्त दोनों व्यक्तियो ने एक बैग पकडाया और कहा कि इसी में सोना है, जब मैने बैग खोलकर देखा तो सोने की बजाय बैग में गेमिंग नोट निकली तो मैने पैसा देने से मना कर दिया। तो दोनो व्यक्तियों ने मुझे धमकाते हुये कहा कि जो पैसे लाए हो वे हमें दे दो नहीं तो हम लोग तुम्हें जान से मार देगें जिससे मुकदमा वादी डर गया और दो लाख रुपये उन लोगों को दे दिया और तभी वहाँ मौजूद दोनों सिपाही भी आ गये उन लोग ने मुझे डराया धमकाया कि यहाँ से भाग जाओं अन्यथा तुम्हें जान से मार देंगे। उक्त घटना के बाद मुकदमा वादी ने हिम्मत कर मुक़दमा दर्ज कराया जिसकी जांच के बाद दोनों सिपाहियों की संलिप्तता सामने आई और एसपी ने तत्काल निलम्बित कर जेल भेज दिया तथा प्रमोद सिंह उर्फ पप्पू सिंह पुत्र स्व.रामपाल सिंह निवासी राजेसुल्तानपुर को भी गिरफ्तार कर जेल भेज गया।

इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि कानून के रक्षक अगर भक्षक बने, तो उन पर सबसे पहले कानून का डंडा चलेगा। जिले में यह मामला पुलिस महकमे की अब तक की सबसे शर्मनाक घटनाओं में गिना जा रहा है। पुलिस कप्तान अभिजीत आर शंकर की त्वरित कठोर कार्यवाही सहित एडिशनल एसपी पूर्वी श्याम देव की निष्पक्ष जांच की भी पूरे जनपद में जमकर सराहना हो रही है।








