आम जनता के साथ स्पीड मीटर से की जाने वाली लूट को किसी भी कीमत पर बर्दास्त नहीं किया जाएगा: राममूर्ति वर्मा
अम्बेडकरनगर: स्मार्ट मीटर को लेकर सियासत अब खुलकर उबाल पर है—सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक विरोध की आवाज तेज हो गई है। सपा के राष्ट्रीय सचिव व पूर्व मंत्री रहे टांडा विधायक राममूर्ति वर्मा ने फेसबुक पोस्ट के जरिए सरकार और पूरी व्यवस्था पर करारा प्रहार किया है।
विधायक राममूर्ति वर्माने बिना लाग-लपेट लिखा—
“नाम भले ‘स्मार्ट मीटर’ हो, लेकिन असल में ये ‘स्पीड मीटर’ है। बिजली रहे या न रहे, बिल बढ़ने की स्पीड कभी नहीं रुकती। और बिल जमा करने के बाद भी कनेक्शन काटने की रफ्तार पर कोई ब्रेक नहीं लगता!”
उन्होंने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था आम उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय “तेजी से वसूली” का औजार बन गई है। उनके मुताबिक, तकनीक के नाम पर जनता की जेब पर सीधा हमला किया जा रहा है, जबकि जवाबदेही कहीं नजर नहीं आती।
टांडा विधायक ने सत्तारूढ़ दल पर भी तीखा राजनीतिक वार करते हुए कहा— “भाजपा जमीर बेच चुकी है और पूंजीपतियों को ‘स्पीड’ से अमीर बनाने में लगी है।”
इस बयान के बाद जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्ष इसे जनता के दर्द की आवाज बता रहा है, जबकि सत्तापक्ष की खामोशी कई सवाल खड़े कर रही है। इधर, आम उपभोक्ताओं के बीच स्मार्ट मीटर को लेकर पहले से मौजूद असंतोष अब और खुलकर सामने आने लगा है। ऐसे में यह मुद्दा आने वाले दिनों में बड़े जनआक्रोश और राजनीतिक संघर्ष का कारण बन सकता है।









