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अम्बेडकरनगर जनपद को पराली प्रदूषण से मिलेगी मुक्ति – 5800 करोड रुपए का होगा निवेश

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अम्बेडकरनगर: प्रधानमंत्री के 5 ट्रिलियन इकोनामी व यशस्वी मुख्यमंत्री के एक ट्रिलियन इकोनामी के सपने को साकार करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी अविनाश सिंह के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जनपद लगातार प्रदेश में अपना स्थान बनाता जा रहा है। इसी क्रम में आज 5800 करोड रुपए इंटेंट का किया गया। इससे जनपद को उद्योग जगत में एक अलग पहचान मिलेगी और जनपद नई ऊंचाइयों को छूएगा।

जैनी केमिकल और फार्मास्यूटिकल्स प्राइवेट लिमिटेड मुंबई द्वारा जनपद अंबेडकर नगर में 5800 करोड रुपए निवेश कर 350 मेगावाट बिजली व ग्रीन मेथेनाल उत्पादन किया जाएगा। इसके लिए टांडा तहसील में जिलाधिकारी अविनाश सिंह के निर्देश पर उप जिलाधिकारी सचिन यादव द्वारा पूर्व में दिखाया गया था। जिसे जैनी केमिकल के प्रतिनिधियों द्वारा वहां पर अपने प्लांट लगाने के लिए आगे की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, जिसके क्रम में आज जिलाधिकारी अविनाश सिंह तथा उप जिलाधिकारी सचिन यादव व जैनी केमिकल की टीम ने अपर मुख्य सचिव अतरिक्त ऊर्जा स्रोत विभाग उत्तर प्रदेश शासन महेश चंद गुप्ता से लखनऊ जाकर वार्ता की गई। जिस पर अपर मुख्य सचिव सर द्वारा भी सहमति जताई गई। इसके बाद इस टीम द्वारा यूपीपीसीएल के अध्यक्ष आशीष गोयल सर से भी वार्ता की गई है उनके द्वारा भी इस प्रोजेक्ट पर सहमति जताई गई है। अवगत कराया गया कि उन्हें जनपद से 100 एकड़ जमीन नदी के किनारे लीज पर दिखाया गया। जो 30 वर्ष से अधिक के लीज पर यूपी नेडा के द्वारा जैनी केमिकल के साथ लीज करार होगा। यहां पर उनके द्वारा कृषि क्षेत्र के वेस्ट मैटेरियल यथा गन्ना की खोई,धान की भूसी, पराली सहित अन्य वेस्ट मैटेरियल द्वारा 1515 टन प्रतिदिन ग्रीन मेथेनॉल व बिजली का उत्पादन किया जाएगा। लगभग वर्ष भर में 20 लाख टन कृषि क्षेत्र के वेस्ट मैटेरियल की आवश्यकता होगी। इसके माध्यम से जहां एक तरफ हमें विदेशी पेट्रोल खरीद के निर्भरता में कमी आएगी वहीं दूसरी तरफ कृषि वेस्ट मैटेरियल पराली आदि जलाने से प्रदूषण का भी बचाव होगा साथ ही वेस्ट मैटेरियल के बिक्री से किसानों को आय प्राप्त होगी। इस प्रकार बायो फ्यूल के उपयोग से वायु प्रदूषण में कमी आएगी। इससे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष को मिलाकर जनपद के एक लाख से अधिक लोगों को आर्थिक रूप से लाभ होगा।
जनपद अंबेडकर नगर की स्थलीय स्थिति बहुत ही महत्वपूर्ण है, प्रदेश की राजधानी लखनऊ से निकट , गोरखपुर, बनारस के बीच में स्थिति तथा अयोध्या का अभिन्न अंग होने के कारण यहां पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की असीम संभावना है।

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