अम्बेडकरनगर: पंजाब नेशनल बैंक की छज्जापुर शाखा से जुड़े करोड़ों रुपये के बीमा फ्रॉड मामले में टाण्डा पुलिस ने दूसरे अभियुक्त शरद मौर्य को गिरफ्तार कर लिया है। इस संगठित ठगी के मास्टरमाइंड उमेर अहमद को पुलिस पहले ही जेल भेज चुकी है। ताजा गिरफ्तारी से यह साफ हो गया है कि बीमा बांड की कूटरचना के लिए बाकायदा एक फोटो स्टूडियो को फर्जी दस्तावेजों की फैक्ट्री में तब्दील कर दिया गया था।
पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर शंकर के निर्देशन व क्षेत्राधिकारी टाण्डा शुभम कुमार के नेतृत्व में कोतवाली टाण्डा पुलिस टीम ने मुकदमा संख्या 31/26 बीएनएस की गंभीर धाराओं में वांछित अभियुक्त 32 वर्षीय शरद मौर्य पुत्र मायाराम मौर्य निवासी मीरापुर हयातगंज, कस्बा टाण्डा को उसके नव कलां फोटो स्टूडियो से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर भेज दिया गया।
पुलिस विवेचना में खुलासा हुआ है कि मुख्य अभियुक्त उमेर अहमद पीएनबी मेटलाइफ इंश्योरेंस की असली पॉलिसियां लेकर शरद मौर्य की दुकान पर आता था। यहां कंप्यूटर व कलर प्रिंटर की मदद से बांड के पहले पन्ने को स्कैन कर नाम, पता, मोबाइल नंबर और पॉलिसी नंबर बदल दिए जाते थे, जबकि बाकी पन्नों की कलर फोटोकॉपी कर फाइल कवर भी उसी तरह तैयार किया जाता था। इस तरीके से पूरी तरह असली जैसे दिखने वाले फर्जी बीमा बांड बनाए जाते थे।
पुलिस के अनुसार, इन्हीं कूटरचित बांडों के सहारे मुआवजा धारकों को भरोसे में लेकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई। पुलिस ने स्टूडियो से मॉनिटर, सीपीयू, कलर प्रिंटर, कीबोर्ड, माउस, केबल और बांड पेपर बरामद कर जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि इस बड़े आर्थिक अपराध में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच चल रही है और जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।








