अम्बेडकरनगर। जनपद में पशुपालन विभाग द्वारा संचालित बैकयार्ड कुक्कुट पालन योजना के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सराहनीय पहल की जा रही है। योजना के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में कुल 200 लाभार्थी महिलाओं को 50-50 चूजे, एक बोरी चारा (राशन) एवं आवश्यक दवाएं निःशुल्क वितरित की गई हैं।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। कुक्कुट पालन के माध्यम से महिलाएं अंडा उत्पादन कर स्थानीय बाजार में विक्रय कर रही हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। इसके अतिरिक्त आवश्यकता पड़ने पर मुर्गियों की बिक्री से उन्हें त्वरित नकद आय भी प्राप्त हो रही है।पशुपालन विभाग द्वारा लाभार्थियों को कुक्कुट पालन का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है, ताकि वे भविष्य में इस कार्य को व्यावसायिक स्तर पर अपनाकर अपनी आय के स्थायी स्रोत विकसित कर सकें। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
इसी क्रम में विकासखंड टांडा में दिनांक 16 अप्रैल 2026 को 22 लाभार्थियों को चूजे, दाना एवं दवाएं वितरित की गईं। इस अवसर पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. शिव चंद यादव द्वारा ग्राम रसूलपुर हरिजन एवं ग्राम पुनथर की लाभार्थी महिलाओं—रीता, बासमती, उर्मिला देवी, गीता देवी, आशा देवी, रोशनी एवं सुशीला सहित अन्य को योजना का लाभ प्रदान किया गया।
माननीय मुख्यमंत्री की प्रेरणा से संचालित यह योजना न केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए रोजगार का सशक्त माध्यम बन रही है, बल्कि “आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।








