अम्बेडकरनगर: इल्तिफ़ातगंज नगर पंचायत की घोर लापरवाही ने वार्ड संख्या 09 मीरानपुर के लोगों की जिंदगी को नरक बना दिया है। नाली निर्माण के नाम पर घरों और दुकानों के सामने बीते 20 दिनों से खुदाई कर छोड़ दी गई, लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। अधूरी नालियों और टूटी सड़कों ने पूरे इलाके को बेहाल कर दिया है।
मुख्य सड़क समेत अन्य मार्गों पर नालियों का गंदा पानी ऊपर से बहने लगा है। चारों तरफ कीचड़, बदबू और मच्छरों का आतंक है। हालात ऐसे बन चुके हैं कि संक्रामक बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नगर पंचायत का अवर अभियंता पूरे मामले में नदारत है। 20 दिनों में न तो मौके पर कोई निरीक्षण हुआ और न ही ठेकेदार को काम पूरा करने के निर्देश दिए गए। ठेकेदार की मनमानी इस कदर बढ़ चुकी है कि सुरक्षा के नाम पर कोई इंतजाम नहीं किया गया।
खुदी हुई नालियाँ बिना ढके छोड़ दी गई हैं, जिससे बच्चों के लिए बड़ा खतरा पैदा हो गया है। कई बच्चे इन नालियों में गिर चुके हैं, इसके बावजूद न नगर पंचायत हरकत में आई और न ही किसी जिम्मेदार ने जवाबदेही तय की।
नाली खुदाई का असर व्यापार पर भी साफ दिखाई दे रहा है। दुकानों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है, ग्राहक आने से कतरा रहे हैं और दुर्गंध के कारण व्यापार लगभग ठप हो चुका है। व्यापारियों में भारी नाराजगी है।
क्षेत्रवासियों का गुस्सा अब उबाल पर है। लोगों का कहना है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि जनता की जान और सेहत से सीधा खिलवाड़ है। यदि जल्द ही नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ और दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे आंदोलन और सड़क जाम जैसे कदम उठाने को मजबूर होंगे।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इल्तिफ़ातगंज नगर पंचायत किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रही है या फिर कागजों में विकास दिखाकर जमीनी हकीकत से मुंह मोड़ लिया गया है। वार्ड संख्या 09 मीरानपुर की जनता आज प्रशासनिक लापरवाही की कीमत अपनी सेहत और सुरक्षा से चुका रही है।





