640वें उर्स में उमड़ा जनसैलाब, पुष्पवर्षा के बीच निकला ऐतिहासिक गागर जुलूस, विश्व शांति और तरक्की की गूंजी दुआएं
अम्बेडकरनगर (रिपोर्ट: आलम खान एडिटर-मान्यता प्राप्त) विश्व विख्यात दरगाह किछौछा के 640वें वार्षिक उर्स में शनिवार को आयोजित 25 मोहर्रम की ऐतिहासिक रस्म-ए-गागर के दौरान आस्था का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा।
खानकाह अशरफिया हसनिया से सज्जादानशीन अल्लामा मौलाना सैय्यद शाह मोइनुद्दीन अशरफ उर्फ मोईन मियां पवित्र ख़िरका मुबारक धारण कर पारंपरिक गागर जुलूस के साथ आस्ताना-ए-मखदूम अशरफ पहुंचे। पूरे रास्ते “हक मोइन, या मोइन” के गगनभेदी नारों और पुष्पवर्षा से उनका भव्य स्वागत किया गया।

दरगाह परिसर और मेला क्षेत्र में स्थानीय अकीदतमंदों के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे जायरीन की भारी भीड़ उमड़ी। आस्ताना-ए-मखदूम अशरफ पहुंचकर मोईन मियां ने परंपरागत रस्म-ए-गागर अदा की और विश्व शांति, देश की तरक्की, खुशहाली, आपसी भाईचारे तथा नशा मुक्ति के लिए विशेष दुआ की।

जुलूस को व्यवस्थित और अनुशासित बनाए रखने में मलंग सज्जादानशीन मोहम्मद आलम शाह के नेतृत्व में दूर-दराज़ से आए मलंगों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए सीओ सिटी नीतीश कुमार और थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह लगातार मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।

रस्म पूरी होने के बाद जुलूस पुनः खानकाह अशरफिया हसनिया पहुंचा, जहां शिजरा मखदूम अशरफ पढ़ा गया और सामूहिक दुआख्वानी हुई। इस अवसर पर मोईन मियां ने सभी अकीदतमंदों को 640वें उर्स की मुबारकबाद देते हुए अमन, मोहब्बत और इंसानियत के संदेश को अपनाने की अपील की।
कार्यक्रम में अल्लामा सैय्यद रईस अशरफ, अल्लामा सैय्यद जामी अशरफ (जामी मियां), सैय्यद अली अशरफ, मौलाना सैय्यद जावेद अशरफ, सैय्यद हसन अशरफ, सैय्यद खलीक अशरफ, सैय्यद जहाँगीर अशरफ (गुड्डू मियां), सैय्यद शफीक अशरफ (पप्पू मियां), सैय्यद मोहम्मद अशरफ (बड़े बाबू),
सैय्यद आले मुस्तफा (छोटे बाबू), सैय्यद नैय्यर अशरफ, सैय्यद नूर, मुसाब अजीम, फैज़ान खान, जुहैब खान, मेराज बसखारी, सैय्यद अदनान हसन, सैय्यद हुसैन अशरफ, सैय्यद सुल्तान अशरफ, फिरोज खादिम, सरफ़राज़ खादिम, इमरान मुजाविर सहित खानवादे अशरफिया के लोग और हजारों अकीदतमंद मौजूद रहे।





