गांव में आने-जाने का एकमात्र रास्ता बना दलदल, बारिश में हर कदम पर हादसे का खतरा; नाली व सड़क निर्माण की मांग को लेकर सामूहिक शिकायत।
अम्बेडकरनगर: सरकारी विकास के दावों की हकीकत अंबेडकरनगर के टांडा ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत उतरेथू (डेरवा) में साफ दिखाई दे रही है। गांव के लोगों के लिए आने-जाने का सिर्फ एक ही रास्ता है और वह भी बारिश के मौसम में कीचड़, गंदगी और जलभराव से पूरी तरह बदहाल हो चुका है। हालात इतने खराब हैं कि हर दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों का सब्र टूट गया और अब उन्होंने जिलाधिकारी के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी पंजीकृत डाक से शिकायती पत्र भेजकर मदद की गुहार लगाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में पक्की सड़क तो बना दी गई, लेकिन सड़क के किनारे नाली का निर्माण नहीं कराया गया। बारिश का पूरा पानी सड़क पर भर जाता है, जिससे जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं। सड़क अब रास्ता कम और दलदल ज्यादा नजर आती है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। मजबूर होकर दर्जनों ग्रामीणों ने हस्ताक्षर और अंगूठा निशान के साथ मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर तत्काल नाली निर्माण और सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि अब भी कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे। उनका कहना है कि विकास के दावे तभी सार्थक होंगे जब गांव के लोगों को कम से कम सुरक्षित रास्ता तो नसीब हो।




