अम्बेडकरनगर: कटका थाना क्षेत्र के रफीगंज बाजार में मूर्ति विसर्जन के लिए निकाली शोभायात्रा में लगा भीषण जाम के दौरान हुई मारपीट विवाद में थाना प्रभारी राकेश कुमार सोमौलिया की मनमानी सामने आई है। आरोप है कि थाना प्रभारी ने पीड़ित पक्ष को ही अपराधी मानते हुए विपक्षी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर दिया, जबकि पीड़ित की शिकायत को नजर अंदाज कर दिया गया। इस पक्षपातपूर्ण रवैये से स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।
जानकारी के अनुसार, मूर्ति विसर्जन के दिन नहर के किनारे जाम की स्थिति बनी हुई थी। चार पहिया वाहनों की लंबी कतार के बीच एक स्विफ्ट कार ने पास खड़ी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी, जिससे बाइक कार के बोनट में फंस गई। इस दौरान मौके पर मौजूद डायल 112 के जवानों ने नहर विभाग में कार्यरत मिश्रौलिया निवासी अवनीश यादव से गाड़ी किनारे लगाने को कहा।बताया जाता है कि अवनीश यादव जैसे ही वाहन हटाने लगे, तभी दुधई गांव निवासी अनिरुद्ध सिंह कार से उतरकर उन पर टूट पड़े और अवनीश की बेरहमी से पिटाई कर दी। पिटाई से अवनीश यादव मौके पर बेसुध होकर गिर पड़े। जब स्थानीय लोगों ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो अनिरुद्ध सिंह ने उन्हें भी मारपीट कर घायल कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अनिरुद्ध सिंह ने बाद में खुद अपने वाहन का शीशा फोड़कर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की और झूठा केस दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। वहीं, पीड़ित अवनीश यादव ने भी रफीगंज पुलिस चौकी में शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की, लेकिन उनकी तहरीर को थाना प्रभारी ने नजरअंदाज कर दिया। आरोप है कि थाना प्रभारी राकेश कुमार सोमौलिया ने पीड़ित की तहरीर को कूड़ेदान में फेंक दिया और हमलावर के पक्ष में मुकदमा दर्ज कर लिया। जब इस संबंध में देर शाम थाना प्रभारी से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि “मुकदमा दोनों पक्षों की ओर से दर्ज किया जाएगा।” हालांकि, वास्तविकता यह है कि अब तक सिर्फ एकतरफा मुकदमा दर्ज हुआ है, जिससे क्षेत्र में पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए, ताकि पीड़ित पक्ष को न्याय मिल सके और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। इस संबंध में जलालपुर क्षेत्राधिकार अनूप कुमार सिंह ने बताया कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और निष्पक्ष जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।






