अम्बेडकरनगर: पैग़म्बरे इस्लाम हजरत मोहम्मद मुस्तफा सल्ल. के जन्मदिन (जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी) पर आगामी 05 सितंबर शुक्रवार को विभिन्न स्थानों के साथ टांडा नगर में भी भव्य जुलूस ए मोहम्मदी पूरी शान व शौकत से निकाला जाएगा। उक्त जुलूस में डीजे की बढ़ती संख्या को लेकर मुस्लिम विद्वान काफी चिंतित हैं तथा जुलुस में डीजे पर कड़ी पाबंदी भी लगाने की मांग की जा रही है। उक्त सम्बन्ध में मंगलवार की रात्रि में मरकज़ अंजुमन गुलामाने मुस्तफा द्वारा जामा मस्जिद कस्बा में सार्वजनिक बैठक आयोजित की गई जिसमें जुलूसे मोहम्मदी में शामिल होने वाली अंजुमनों के ज़िम्मेदारों के साथ बड़ी संख्या में मुस्लिम समुदाय के लोग भी पहुंचे और जुलूस के अदब को लेकर विचार विमर्श किया।
मरकज़ अंजुमन (केंद्रीय महासमिति) के अध्यक्ष मो.आरिफ खान व सेक्रेटरी फ़ज़ले रब अंसारी ने संयुक्त रूप से बताया कि मरकज़ अंजुमन ने कभी भी डीजे व जनरेटर का जुलूस में समर्थन नहीं किया है और ना करेगी। बताया कि डीजे व जनरेटर व बड़े वाहनों के कारण अदब से चलने वाली अंजुमनों व जुलुस में शामिल होने वाले आशिके रसूल को काफी दिक्कतें होती है और जुलूस का अदब पामाल हो जाता है, आगामी 05 सितंबर शुक्रवार को दोपहर 03 बजे कस्बा जामा मस्जिद से शुरू होने वाले जुलूसे मोहम्मदी में पूर्व वर्षों के अनुसार क्रमवार अंजुमने चलेगी लेकिन अगर कोई भी अंजुमन डीजे आदि के साथ आती है तो उसका नम्बर समाप्त हो जाएगा और ऐसी अंजुमनों के ज़िम्मेदार स्वयं अपने को जुलूस के पीछे कर लें तथा अदब से चलने वाली अंजुमनों को रास्ता दे दें। मरकज़ के अध्यक्ष व सेक्रेटी ने संयुक्त रूप से कहा कि अदब से चलने वाली अंजुमनों के बीच मे डीजे, जनरेटर, पिकअप कदापि ना लगाएं अन्यथा मरकज़ स्थानीय प्रशासन की मदद से कठोर कार्यवाही करेगा। उक्त बैठक के उपरांत बताया कि उक्त निर्णय की सूचना स्थानीय प्रशासन को भी देकर अदब वाली अंजुमनों के बीच डीजे लाने वालों के खिलाफ कठोर कार्यवाही करने की अपील की जाएगी जिससे जुलूसे मोहम्मदी का अदब पामाल ना होने पाए। मरकज़ ने डीजे लाने वाली अंजुमनों के ज़िमनेदारों से अपील किया है कि जुलूस के अदब का ख्याल करते हुए डीजे बिल्कुल भी ना लाएं और अगर एडवान्स देकर डीजे बुक करा लिया गया है तो चन्द पैसों की मोहब्बत ना करते हुए पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मोहम्मद सल्ल. की मोहब्बत को दर्शाते हुए डीजे से किनारा कर लें। मरकज़ ने सभी आशिके रसूल से अपील किया है कि अपने अपने मोहल्लहो से निकलने वाली अंजुमनों में अवश्य शामिल हों और डीजे, जनरेटर, पिकअप आदि पर रोक लगाने की पहल करें क्योंकि जुलूसे मोहम्मदी के अदब की ज़िम्मेदारी सभी आशिके रसूल पर लागू होती है।
बैठक के दौरान बड़ी संख्या में पहुंचे अंजुमन के ज़िम्मेदारों द्वारा मरकज़ के फैसले कि सरहाना की गई।




