ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक कानपुर में सम्पन्न हुई और इस दौरान मौलना सैय्यद राबे हसन नदवी को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का पुनः अध्यक्ष चुना गया। दारुल उलूम देवबंद के मुदर्रिस अध्यक्ष व जमीयत उलेमा हिन्द (मदनी गुट) के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलना सैय्यद अरशद मदनी को ऑल इंडिया पर्सनल लॉ बोर्ड का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष मौलना सैय्यद राबे हसन नदवी ने मौलना सैय्यद अरशद मदनी को अध्यक्ष बनने का न्यौता दिया लेकिन मौलना अरशद मदनी ने ये कहते हुए किनारा कर लिया कि आप के रहते हुए मैं अध्यक्ष पद नहीं स्वीकार कर सकता हूँ जोसके बाद मौलना राबे हसन नदवी ने उन्हें उपाध्यक्ष मनोनीत किया।

कानपुर में सम्पन्न हुई ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक में देश भर के लगभग सवा सौ उलेमाओ ने सहभागिता दर्ज कराई।

बोर्ड के पदाधिकारियों ने बताया कि भारत में सिर्फ मुसलमान नहीं, बल्कि हिंदू, ईसाई, सिख, बौद्ध और तमाम जातियों-जनजातियों के अलग-अलग रिवाज हैं। ऐसे में कॉमन सिविल कोड भारतीयों को संविधान में मिले फैमिली लॉ के खिलाफ है।

बोर्ड ने सादगी से निकाह करने, मुसलमानों पर हुए झूठे मुकदमों को सरकार से वापस लेने, इस्लाम धर्म के बारे में अन्य धर्म के लोगों से पढ़ने और जानने की अपील करने, घरेलू झगड़ों को कोर्ट में ले जाने के बजाय मध्यस्थता और शरई अदालतों में सुलझाने की अपील की, जिससे कि अदालतों पर मुकदमों पर भार न बढ़े।

श्री मदनी को उपाध्यक्ष चुने जाने के बाद उन्हें मुबारकबाद देने का सिलसिला लगातार जारी है।