अम्बेडकरनगर: जैतपुर थाना क्षेत्र के सेहरी गांव में 15 जून को मझुई नदी किनारे मिले युवक के शव मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक अब्दुल रबीश की पत्नी रेहाना बानो ने पुलिस की जांच पर सवाल उठाते हुए नामजद आरोपियों को बचाने और निर्दोष लोगों को फंसाने का आरोप लगाया है।
मूल रूप से जौनपुर जनपद के सरपतहा थाना क्षेत्र के सेफौली गांव निवासी अब्दुल रबीश की हत्या कर शव जैतपुर थाना क्षेत्र के सेहरी गांव में फेंक दिया गया था। मृतक की पत्नी का आरोप है कि उनके पति को सत्यम पुत्र विजय बहादुर सेफौली, जौनपुर, प्रद्युम्न कुमार एवं धर्मेंद्र कुमार नरवारी, सुल्तानपुर, और मृतक के गांव निवासी एक अन्य सत्यम ने मिलकर मोटरसाइकिल से ले जाकर धारदार हथियार व भारी वस्तु से पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
मृतका की पत्नी द्वारा दिए गए शिकायती पत्र के आधार पर जैतपुर पुलिस ने मुकदमा तो पंजीकृत कर लिया, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से दूसरे ही दिन जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, वे शिकायती पत्र में नामजद नहीं थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों में रवि उर्फ सुमित, राजकुमार उर्फ साजन उर्फ देवेंद्र नूरपुर सुल्तानपुर, बृजेश रामनगर, सुल्तानपुर और अंकुर हुसैनपुर विपणन, मालीपुर शामिल हैं।
इस पर नाराजगी जताते हुए मृतक की पत्नी रेहाना बानो ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मांग की है कि पूरे प्रकरण की जांच किसी अन्य थाना या स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए। उनका कहना है कि असली नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं। इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक श्याम देव पूर्वी का कहना है कि पुलिस ने विवेचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए संबंधित अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मामले की आगे की जांच जारी है।








