अम्बेडकरनगर: दुकान अलग कराने की मांग को लेकर अपनी मां की हत्या करने की कहानी क्षेत्रीय लोगों के गले नहीं उतर रही है हालांकि स्वाट सर्विलांस व टाण्डा पुलिस ने दावा करते हुए बताया है कि मृतिका सीता देवी की हत्या उसके पुत्र ने ही किया था। पुलिस ने आरोपी पुत्र को हिरासत में लेकर जेल भेज दिया है।
बताते चलेंकि टाण्डा कोतवाली क्षेत्र के हजलापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग सांख्य 233 टाण्डा बसखारी मार्ग से मात्र 50 मीटर की दूरी पर 52 वर्षीय सीता देवी पत्नी हीरालाल मोदनलाल का शव संदिग्ध हालत में गत 03 दिसम्बर की सुबह में बरामद हुआ था। मृतिका के कान की बाली, मंगलसूत्र व पायल गायब थी। मृतिका के पति हीरालाल ने जेवरात लूट कर हत्या करने का आरोप लगाया था। उक्त घटना के पर्दाफाश के लिए टाण्डा कोतवाली पुलिस सहित स्वाट व सर्विलांस टीम को लगाया गया था।
टाण्डा कोतवाली निरीक्षक दीपक सिंह रघुवंशी व स्वाट टीम प्रभारी एसाईआर विनोद यादव ने सीता देवी हत्याकांड का पर्दाफाश करते हुए मृतिका के 19 वर्षीय पुत्र राहुल को गिरफ़्तार करते हुए जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी राहुल अपने भाइयों के साथ दुकान पर काम करता था और सभी पैसा उसकी माँ रख लेती थीं और जब वो दुकान अलग करने को बोलता तो उसकी मां कहती थी कि मेरे मरने का बाद ही दुकान अलग होगी, इसलिए 02 दिसम्बर की रात्रि 09 बजे जब उनकी मां दुकान पर खाना दे कर घर जाने लगी तो मैं पीछे से पहुंच कर अपने पैर से उसके पैर पर मारकर गिरा दिया और अपनी मां का गला दबा कर हत्या कर दिया।
पुलिस द्वारा सीतादेवी हत्या कांड का पर्दाफाश करते हुए उसके ही पुत्र को हत्या के आरोप में जेल भेज दिया लेकिन क्षेत्रीय ग्रामीणों को पुलिस का उक्त खुलासा हजम नहीं हो रहा है।




