अम्बेडकरनगर: धार्मिक व सामाजिक संस्था दावते इस्लामी इंडिया द्वारा टांडा में हज यात्रियों के लिए ट्रेनिंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें मुकम्मल तरीके से हज की ट्रेनिंग दी गई। यह ट्रेनिंग दावते इस्लामी के मदरसे जामियातुल मदीना फ़ैज़ाने हाफ़िज़-ए-मिल्लत, नई आबादी तलवापार गौसिया मस्जिद के पास आयोजित हुई, जहां बड़ी संख्या में हज यात्रियों ने शिरकत की।

इज्तिमा में मक्का-मदीना शरीफ़ में इबादत, जियारत और ठहरने के तरीकों के साथ हज के अहम अरकान व फज़ीलत पर विस्तार से रौशनी डाली गई। हज ट्रेनर टांडा के निगरान हाजी मुज़फ़्फ़र सफी अत्तारी और अयोध्या जीएनआरएफ के डिविजन मैनेजर हाजी डॉक्टर शराफत तौहीद अत्तारी ने हाजियों को घर से रवाना होने से लेकर वापसी तक के मसलों और उनके समाधान के बारे में अहम जानकारी दी। हज की नियत करने का तरीका बताया गया, साथ ही सफर में ले जाने वाले जरूरी सामानों की लिस्ट दी गई और तल्बिया “लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक” का अभ्यास भी कराया गया।
उलेमा ने बयान करते हुए बताया कि हज बेहद अहम इबादत है और पैग़ंबरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का फरमान है कि मकबूल हज करने वाला ऐसा होता है मानो आज ही मां के पेट से पैदा हुआ हो और उसके तमाम गुनाह माफ़ हो जाते हैं। कुरआन-ए-पाक की तिलावत से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। आखिर में दरूदो-सलाम पढ़ा गया, हाजियों को खाना खिलाया गया और “रफीकुल हरमैन” किताब तकसीम की गई। हज पर जाने वाली इस्लामी बहनों की तरबियत मदरसे के बेसमेंट में पर्दे के मुकम्मल एहतमाम के साथ अलग से दी गई।
इज्तिमा में शामिल हाजियों ने अपने तस्सुरात पेश करते हुए कहा कि हज और मदीने की हाज़िरी के बारे में बेहद आसान और असरदार अंदाज़ में जानकारी दी गई। हाजियों ने दावते इस्लामी इंडिया की इस पहल की जमकर सराहना की।








