अम्बेडकरनगर। जिले में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में जनता की समस्याओं का अंबार देखने को मिला। पांचों तहसीलों में 463 फरियादें प्रशासन के सामने पहुंचीं, जिससे सरकारी व्यवस्था की जमीनी हकीकत भी सामने आ गई। तहसील जलालपुर में जिलाधिकारी ईशा प्रिया की अध्यक्षता में आयोजित समाधान दिवस में पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह, मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार शुक्ला समेत सभी जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
फरियादियों की समस्याएं सुनने के बाद जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े तेवर दिखाते हुए साफ कहा कि जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही, टालमटोल और हीलाहवाली किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। जनता को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने पर मजबूर करने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, बिजली, पेयजल, पेंशन, आवास, विकास समेत विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की गई। जिन मामलों का मौके पर समाधान संभव था, उनका तत्काल निस्तारण कराया गया, जबकि शेष शिकायतों को संबंधित विभागों को सख्त निर्देशों के साथ भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक प्राची सिंह ने भी पुलिस से जुड़े मामलों की सुनवाई करते हुए कहा कि पीड़ितों को त्वरित न्याय मिले और किसी भी शिकायत को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जलालपुर में 111 शिकायतों में 9, टांडा में 40 में 5, आलापुर में 142 में 16, अकबरपुर में 98 में 7 और भीटी में 72 में 6 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। यानी जिलेभर में 463 शिकायतों में सिर्फ 43 का तत्काल समाधान हो सका, जबकि 420 मामलों पर अब विभागीय कार्रवाई होगी।
समापन पर जिलाधिकारी ने दो टूक कहा कि जनता की समस्या का समाधान ही प्रशासन की असली कसौटी है। शिकायतों को दबाने या लटकाने की संस्कृति अब नहीं चलेगी। जो अधिकारी लापरवाही करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।




