अम्बेडकरनगर: 06 वर्ष पूर्व टाण्डा नगर क्षेत्र में मोहर्रम पर्व के दौरान एक घर मे घुस कर महिला को गंभीर रूप से घायल करने वाले को अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। हयातगंज निवासी दानिश पर दो मुकदमों में अदालत ने सज़ा सुनाई है। एक मुकदमे में जहां 10 वर्ष की सज़ा सुनाई गई है वहीं दूसरे मुकदमे में 03 वर्ष का सश्रम कारावास की सज़ा दी गई है।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विकशन के दष्टिगत अम्बेडकरनगर पुलिस द्वारा अभियोजन विभाग से समन्वय कर प्रभावी पैरवी किए जाने के फलस्वरुप 17 जनवरी को न्यायालय जनपद अम्बेडकरनगर द्वारा थाना कोतवाली टाण्डा पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 177/17 धारा 452, 323, 324, 307 आईपीए बनाम दानिश पुत्र मासूक निवासी हयातगंज थाना टाण्डा को उपरोक्त धारा में 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 20,500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
अभियुक्त उपरोक्त द्वारा वादी मो.वाहिद पुत्र रहमतुल्लाह निवासी हयातगंज थाना टाण्डा की पुत्री पर जान से मारने के आशय से चाकू से हमला करने के सम्बन्ध में थाना स्थानीय पर मुकदमा अपराध संख्या 177/17 धारा 452, 323, 324, 307 आईपीसी पंजीकृत किया गया था। जिसके विरुध्द 30 दिसम्बर 2017 को आरोप पत्र दाखिल किया गया था । जिसके सम्बन्ध में धारा उपरोक्त में अभियुक्त को 10 वर्ष का सश्रम कारावास व 20 हज़ार 500 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया।
कोतवाली टाण्डा पर पंजीकृत मुकदमा अपराध संखया 178/17 धारा 4/25 आर्म्स एक्ट मामले में दानिश पुत्र मासूक को 03 वर्ष का सश्रम कारावास व 2,000 रुपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अभियुक्त उपरोक्त के पास से एक अदद नाजायज चाकू बरामद होने के बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
बताते चलेंकि टाण्डा नगर क्षेत्र के मोहल्लाह हयातगंज में 2017 मुहर्रम पर्व के दौरान देर रात्रि में जब हयातगंज में एक धार्मिक जुलूस निकाला हुआ था तभी मोहल्लाह के ही दानिश पुत्र मासूक द्वारा सिंचाई विभाग में कार्यरत वाहिद पुत्र रहमतुल्लाह के घर मे धावा बोलकर मौजूद महिला के सर पर धारदार हथियार से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। उक्त मामले ।के टाण्डा पुलिस ने मुकदमा संख्या 177/17 दर्ज कर आरोपो को जब गिरफयर किया तो उसके कब्जे से अवैध चाकू बरामद हुआ जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा संख्या 178/17 दर्ज कर न्यायालय भेज दिया। उक्त मामले में दो अन्य लोग भी गिरफ्तार हुए थे लेकिन साक्ष्य अभाव के कारण अदालत ने उक्त दोनों को बरी कर दिया जबकि दानिश पुत्र मासूक को 10 वर्ष व 03 वर्ष की सश्रम सज़ा के साथ क्रमश: 20 हज़ार 500 व 02 हज़ार अर्थदण्ड देने का आदेश दिया।





