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दलित बस्ती पर चला प्रशासन का बुलडोज़र, 1974 के पट्टे का हवाला दे रहे ग्रामीणों को नहीं मिली राहत

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अम्बेडकरनगर: जलालपुर नगर क्षेत्र के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण के लिए चिन्हित सरकारी भूमि पर बसी दलित बस्ती को गुरुवार को प्रशासन ने अतिक्रमण मानते हुए जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। मौके पर भारी पुलिस बल की मौजूदगी में चलाए गए अभियान के दौरान झोपड़ियां जमींदोज कर दी गईं।


1974 में तत्कालीन ग्राम प्रधान रामअचल द्वारा दिए गए आवासीय पट्टे का हवाला देते हुए दर्जनों प्रभावित परिवारों ने बताया कि वे वर्षों से इस स्थान पर रह रहे हैं और उनके पास कागज़ भी मौजूद हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के विस्तार के बाद से उन्हें लगातार हटाने का दबाव बनाया जा रहा था। इस दौरान उप जिलाधिकारी राहुल कुमार गुप्ता, क्षेत्राधिकारी अनूप कुमार सिंह, कोतवाल संतोष कुमार सिंह, नगर पालिका अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार, अतिक्रमण प्रभारी रमाकांत चौबे, वरिष्ठ लिपिक रामप्रकाश पांडे सहित बड़ी संख्या में नगर पालिका कर्मचारी और पुलिस बल मौजूद रहे। अधिशासी अधिकारी अरविंद कुमार ने बताया कि शासन द्वारा नगर क्षेत्र में सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), गौशाला या अन्य विकास योजनाओं के लिए जमीन चिन्हित की गई है, जिसे अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।

वहीं एसडीएम राहुल कुमार गुप्ता ने कहा कि ग्रामीणों द्वारा दिखाए जा रहे पट्टे के दस्तावेज़ राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं हैं, इसलिए वे मान्य नहीं माने जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा हटाए गए परिवारों को शीघ्र ही सरकारी आवास दिलाने की कार्यवाही की जाएगी।
उधर वार्ड सभासद बृजेश कुमार ने कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताते हुए कहा कि “आसपास कई लोगों ने बंजर भूमि पर कब्जा कर स्थाई निर्माण कर लिया है, लेकिन कार्रवाई केवल गरीब दलित परिवारों पर की जा रही है।” इससे स्थानीय लोगों में गहरा रोष व्याप्त है।

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